- अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग दृष्टा, अंतरंग अवस्था की आंतरिक शक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरी सदा सदा जय हो।
- अंतरंग योग की दृष्टि के पूर्ण शक्ति दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरण कमलों में बारम्बार नमन करता हूँ।
- अंतरंग योग दृष्टि की पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे श्रीचरण कमलों की नित्य निरन्तर वंदना करता हूँ।
- अंतरंग शक्ति का पूर्ण योग है जिनका, अंतरंग शक्ति के जो पूर्ण हैं दाता, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के श्रीचरण कमलों की बार बार वंदना करता हूँ।
- सर्व शक्ति के सर्व आधार, पूर्ण जगत के अंतरंग दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे नाम की महिमा नित्य निरन्तर गाता रहूँ।
- जगत के पूर्ण शक्ति के पूर्ण आधार, अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग की दृष्टि के दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे श्रीचरण कमलों के चरणाश्रित भाव को प्राप्त करूँ।
- हे जगत की पूर्ण शक्ति के पूर्ण आधार, सर्वज्ञान के सर्व दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा जय हो।
- पूर्ण शक्ति का पूर्ण आधार है जिनका, सर्व सृष्टि की शक्ति के जो हैं दाता, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के नाम का गुणगान सदा सदा ही करता रहूँ।
- अंतरंग योग शक्ति के अंतरंग योग दाता, सर्व ज्ञान के पूर्ण विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी नित्य निरन्तर महिमा को गाया करूँ।
- सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दाता, सर्व शक्ति के पूर्ण शक्तिमान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी यश कीर्ति का गुणगान सर्वत्र गुँजार हो।
- सर्व शक्ति के सर्वत्र योग के पूर्ण प्रदाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल का वंदन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- जिसकी वाणी मात्र से सूर्य मंडल, तारा मंडल, चन्द्र मंडल भी आह्लादित हो जाया करते हैं उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी की महिमा का यश गान सदा सदा ही गाता रहूँ।
- सर्व आनंद के दिव्य विधाता, सर्व शक्ति के आंतरिक योग दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शक्ति की महिमा का अनन्त गुणगान करता रहूँ।
- हे पूर्ण योग के अंतरंग दृष्टा, अंतरंग शक्ति के आंतरिक दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की मैं नित्य निरन्तर वंदना करता रहूँ।
- सम्पूर्ण ज्ञान के आंतरिक ज्ञाता, सम्पूर्ण सृष्टि के अंतरंग नियन्ता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी यश और महिमा का गुणगान अनवरत करता रहूँ।
- सर्वज्ञान, सर्व शक्ति का पूर्ण अधिकार है जिसको, वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी मेरी सदा सदा ही रक्षा करें।
- सर्वत्र योग के परम दृष्टा, सर्व शक्ति के परम आधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरण कमलों में नित्य नित्य नमन करूँ।
- पूर्ण शक्ति के आंतरिक योग दृष्टि को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरण कमलों की बार बार बलिहारी जाता हूँ।
- ज्ञान की परम दिव्य शक्ति को प्रदान करने वाले परम योग दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे शरण की शरणागत भाव को सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- अनन्य योग दर्शन है जिनका, अनन्य योग शक्ति के जो हैं प्रदाता, जिनकी महिमा का गुणगान गूंजेगा भूमण्डल में, ऐसे परम तेजस्वी ज्ञानवान आंतरिक योग के समदृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल का वंदन नित्य निरंतर करता रहूँ।
- परम दिव्य ज्योति है जिसके आंतरिक योग की, परम दृष्टि के द्रष्टा हैं जो, आंतरिक शक्ति के अंतरंग दृष्टा हैं जो, उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के श्रीचरणों के चरणाश्रित भाव को प्राप्त करूँ।
- अंतरंग योग शक्ति के पूर्ण देदीप्यमान, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के परम दिव्य दृष्टा, तुम्हारे नाम मात्र से सर्व संकट दूर हो जाता है, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरण कमलों की नित्य निरन्तर स्तुति करता रहूँ।
- अंतरंग योग दृष्टि के दिव्य पूर्ण दृष्टा, अंतरंग योग शक्ति के पूर्ण शक्तिमय दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शक्ति की महिमा कहाँ तक शब्द के द्वारा वर्णन करूँ।
- सम्पूर्ण सृष्टि के परम आधार, परम शक्ति के परम आश्रय दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- सम्पूर्ण ज्ञान के ज्ञाता, सम्पूर्ण भूमण्डल की शक्ति के आंतरिक स्त्रोत के दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा जय हो जय हो जय हो।
- सर्व जगत का आधार है जिसका अंतरंग योग का, सर्व जगत की शक्ति है जिसके अंतरंग योग की, वो योग के पूर्ण शक्ति के आंतरिक दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शक्ति की महिमा का गुणगान नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- अंतरंग योग की दिव्य शक्ति को प्रदान करने वाले परम योग के परम दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- हे सर्व योग के परम दृष्टा, परम शक्ति के परम आधार, अंतरंग योग की आंतरिक शक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरण कमलों का दर्शन जीवन का परम आधार हो।
- परम योग, परम शक्ति, परम ज्ञान के पूर्ण दाता तुम्हारे चरणकमलों के चरण की वंदना जीवन का पूर्ण आधार हो।
- हे सर्वयोग के परम आधार, परम शक्ति के परम तेजवान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का वंदन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- सर्व शक्ति, सर्व योग, सर्व ज्ञान के पूर्ण विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शक्ति की महिमा अपरम्पार है।
- परमयोग शक्ति की परम अंतरंग अवस्था की दिव्य स्थिति को प्रदान करने वाले हे अंतरंग योग के परम दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम गुणों की महिमा कैसे कितना गाऊँ।
- सर्व दृष्टि, सर्व शक्ति के शक्तिमान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित आश्रय को प्राप्त करूँ।
- हे सर्व ज्ञान के परम ज्ञानी, परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम योगी, परम शक्ति के परम शक्तिमान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हीं तो भक्तजनों की प्राण आधार हो।
- समस्त ज्ञान का आधार है जिनका, सम्पूर्ण सृष्टि के तेजवान हैं जो, वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी मेरी सदा सदा ही रक्षा करें।
- सर्व ध्यान, परम योग, सर्व दर्शन, परम दृष्टि, परम ज्ञान के परम ज्ञानी, परम शक्ति के पूर्ण शक्तिमान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरी शक्ति का परम तेज फैलता रहे।
- सर्व ध्यान के आनंद दाता, सर्व प्रेम के पूर्ण विधाता, सर्व शक्ति के पूर्ण शक्तिमान हे श्री देवराहा हंस बाबा जी, तेरे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव में जीवन का पल पल क्षण क्षण पूर्ण समर्पित हो।
- सर्व ज्ञान की दिव्य शक्ति को प्रदान करने वाले, सर्व ज्ञान की दिव्य अवस्था को देने वाले, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में मैं बार बार बलिहारी जाता हूँ।
- सर्व शक्ति, सर्व दृष्टि, सर्व ज्ञान के जो पूर्ण हैं ज्ञाता, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी आपके चरणकमलों का अभिनन्दन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे महायोगेश्वर, महाशक्ति के महायोगदृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में कोटि कोटि नमन करता हूँ।
- हे महायोगशक्ति के महायोग दृष्टा, तुम्हारी महायोगशक्ति का प्रभाव सम्पूर्ण भूमण्डल में जो फैलेगा वही भक्तजनों के जीवन के आधार का पूर्ण आश्रय होगा।
- सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि के दिव्य योग के परम दृष्टा, परम योग की परम शक्ति को संचालित करनेवाले संचालनकर्ता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की भूरी भूरी प्रशंसा कहाँ तक करूँ।
- हे परम योग के परम ज्ञानी, परम शक्ति के परम शक्तिमान, सम्पूर्ण जगत की अंतरंग शक्ति के योग के संचालन करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल का नित्य निरन्तर वंदन करता रहूँ।
- सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि है जिनकी, सर्व योग का परम दर्शन है जिनका, सर्व शक्ति के पूर्ण तेजवान हैं जो, उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों का नित्य निरन्तर गुणगान करता रहूँ।
- आंतरिक शक्ति के आंतरिक योग की दृष्टि को पूर्ण प्रदान करने वाले परम योगशक्ति के परम दृष्टा, हे श्री देवराहा हंस बाबा जी, तुम्हारे नाम की महिमा का यशोगान कहाँ तक करूँ।
- सम्पूर्ण सृष्टि के संचालन की आंतरिक शक्ति के आंतरिक दाता, सर्व ज्ञान की दृष्टि के पूर्ण दृष्टिदाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का बार बार अभिनन्दन करता हूँ।
- सर्वयोग की परम शक्ति को प्रदान करने वाले, सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि को देने वाले हे परम शक्तिमान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में बार बार नमन करता हूँ।
- अंतरंग योग की दृष्टि है प्राप्त जिसको, अंतरंग ज्ञान के पूर्ण ज्ञान के परम ज्ञानी हैं जो, उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों में कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- योग की परम शक्ति के आंतरिक अवस्था को प्राप्त किये हुए आंतरिक योग के पूर्ण दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणों का चरणीय आनंद सतत प्राप्त करता रहूँ।
- आंतरिक योग की परम सत्ता के पूर्ण महायोगी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी महाराज के चरणों की महिमा का अनन्त गुणगान करता रहूँ।
- परम योग शक्ति के आंतरिक दृष्टि के दृष्टा, अंतरंग अवस्था के पूर्ण दृष्टि को प्रदान करने वाले दिव्य दृष्टि के दिव्य दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन नित्य नित्य करूँ।
- अंतरंग योग के आंतरिक दृष्टि के अंतरंग दृष्टा, योग के परम अवस्था के परम दृष्टि के पूर्ण योग की अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल में नित्य निरन्तर गुणगान करता रहूँ।
- योग के परम अवस्था की परम दृष्टि के दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की चरणीय अवस्था के चरणीय आनंद को सतत प्राप्त करता रहूँ।
- महा योग दर्शन की दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, अंतरंग शक्ति के आंतरिक अनुभव को प्राप्त कराने वाले, महायोग दर्शन के पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए हे महायोगेश्वर श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन नितदिन करता रहूँ।
- परम भाव की परम दृष्टि के परम योगी, परम शक्ति के परम आधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे चरणकमलों को कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के पूर्ण योग के योगावतार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की चरणीय शक्ति के चरणीय दर्शन का पूर्ण आनंद सतत प्राप्त करूँ।
- परम योग के परम दिव्य दृष्टा, सर्व ज्ञान के पूर्ण ज्ञाता, सर्व दर्शन है जिनका दिव्या आभूषण, वही तो जगत के पूर्ण आधार हैं, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के चरणाश्रित भाव को नित्य निरन्तर प्राप्त करूँ।
- सर्व शक्ति, परम शक्ति, पूर्ण शक्ति, अंतरंग शक्ति के सर्व आधार हे श्री देवराहा हंस बाबा जी, प्रेमी भक्तों की अंतरंग आत्मा, तुम्हारी सदा सदा जय हो।
- जगत की पूर्ण दृष्टि है जिनकी, जगत की पूर्ण शक्ति का आंतरिक योग है जिनका, वह परम दिव्यस्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय वंदन का क्षण क्षण प्रार्थी हूँ।
- महायोग शक्ति का महायोग दृष्टा है जो, महायोग शक्ति के परम ज्ञान का ज्ञानी है जो, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी नित्य निरंतर हृदय स्थल में वास करें।
- हे महायोगेश्वर, महायोग शक्ति के पूर्ण शक्तिदाता, तेरे चरण शरण में चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद प्राप्त होता रहे।
- हे महायोग शक्ति के महा अवतारी, महायोग दृष्टि के परम दृष्टा, तुम्हारे चरण शरण में चरणीय आनंद का पूर्ण आकांक्षी हूँ।
- हे महायोग शक्ति के परम दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे चरणकमलों का चरणीय वंदन निशिवासर करता रहूँ।
- हे परम योग शक्ति के परम दिव्य दृष्टा, परम योग शक्ति के परम महाभाव को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे चरणकमलों की महिमा का गुणगान सदा सदा ही करता रहूँ।
- हे महायोग शक्ति के परम ज्ञानी, परम ज्ञान के परम दृष्टा, चरणकमलों के चरणीय आनंद के सम्पूर्ण आनन्दित शक्ति का अनुभव कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में नित्य निरन्तर परम आनंद की दिव्य तरंग प्राप्त करता रहूँ।
- महाशक्ति के महाप्रभाव को, महाशक्ति के महा अंतरंग योग की पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे परम महायोगी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे श्री चरणकमल में चरणीय आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- सर्वभाव की सर्व दृष्टि के परमयोग दृष्टा, महा शक्ति के महा आनंद की दिव्य तरंग को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- अंतरभाव की दिव्य दृष्टि है जिसकी, अंतरभाव का दिव्य ज्ञानी है जो, ऐसे परम योग दृष्टा, परम शक्ति के परम आधार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तेरे चरणकमलों का चरणीय वंदन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- परम दया के परम कृपालु, परम करुणानिधान, शरणागत वत्सल हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा यश गान को सदा सदा ही गाता रहूँ।
- सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि के मंगल स्वरुप, कल्याणकारी, शरणागत के संकट को दूर करने वाले हे करुणानिधान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे सिवा जीवन का आधार कोई नहीं है, तुम्हारे चरणकमलों में कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- परम योग, परम शक्ति, परम ज्ञान के परम ज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो।
- सर्व शक्ति, परम शक्ति, पूर्ण शक्ति के सर्व शक्तिमान श्री देवराहा हंस बाबा जी, शरणागत के संकट को हरण करो हरण करो हरण करो।
- परम भाव की परम शक्ति है जिनकी, परम योग के परम योग दृष्टा हैं जो, उनके परम योग की परम शक्ति के संरक्षण व संरक्षणीयपन सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- परम दिव्य ज्ञान के सर्व दृष्टा, सर्व शक्ति की पूर्ण शक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी अनन्या की अनन्य भक्ति को चरण शरण में प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ।
- हे परम शक्ति के परम आनंद दाता, परम योग के परम विधाता, परम ज्ञान के परम ज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद हृदय की हृदयावस्था में नित्य निरन्तर प्राप्त करूँ।
- हे महाशक्ति के महा शक्ति दाता तुम्हारे चरणकमलों का नित्य गुणगान नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- सर्वयोग के परम आनंददाता, परम दृष्टि के परम विधाता, परम ज्ञान के महा तेजस्वी, तुम्हारे नाम की महिमा यशगान श्रवण करता रहूँ श्रवण करता रहूँ श्रवण करता रहूँ।
- महाशक्ति के महायोगी, महाशक्ति का महायोग है जिनका परम लक्ष्य, वो महायोगेश्वर श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का गुणगान यशगान नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे परम योग के परम ज्ञानी, परम शक्ति के शक्तिमान, सर्व ज्ञान, दिव्य ज्ञान, प्रेम ज्ञान की दिव्य अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का नित्य नित्य कोटि कोटि अभिनन्दन करता रहूँ।
- महायोग की दिव्य अवस्था की दिव्य दृष्टि के दिव्य ज्ञान के दिव्य दृष्टा, तुम्हारे ही महायोग शक्ति की महा अवस्था का नित्य निरन्तर परम योग आनंद का अनुभव प्राप्त करता रहूँ।
- हे परमशक्ति के परमशक्ति दाता, परम ज्ञान के पूर्ण विधाता, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले, महाशक्ति के महास्वरूप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन अहर्निश भाव में करता रहूँ।
- महाभाव के परम अवतार, परम दृष्टि के परम ज्ञानी, दिव्य आनंद के परम दाता, सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्राप्त करने के लिए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमल का शत शत कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- परम शक्ति, महा शक्ति, योग शक्ति, पूर्ण शक्ति के शक्तिमान, परम दिव्य योग के महायोगी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में बार बार नमन करता हूँ
- महायोग की महा अवस्था में महायोग की पूर्ण सिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में नित्य निरन्तर यश गान करता रहूँ।
- महायोग शक्ति की महासिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की अनन्य भक्ति सदा सदा ही प्राप्त होती रहे।
- हे महायोग शक्ति के महाशक्तिमान, महा योग दर्शन के महा योगदर्शी, सत्य ज्ञान के महासत्य ज्ञानी, तत्व दर्शन की तत्वदर्शी दृष्टि है जिनकी, वो महायोग के महाशक्तिमान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में सदा सदा ही कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- परम दिव्य शक्ति की अनन्त शक्ति के दाता, सर्व ज्ञान, सर्व ध्यान के पूर्ण विधाता, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी महाराज तुम्हारे नाम की महिमा यश और गान नित्य निरन्तर गाता रहूँ।
- परम योग, परम ज्ञान, परम दृष्टि के परम दृष्टा, तत्व ज्ञान के परम तत्वज्ञानी, तुम्हारी महिमा का यश गान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की वंदना नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- महायोगशक्ति के पूर्ण अवतार, महाशक्ति के पूर्ण आनंद विधाता, परम योग शक्ति के महा योग दृष्टा, सर्व शक्ति के आंतरिक योग के पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत पर पूर्ण असीम कृपा नित्य निरन्तर प्राप्त होती रहे।
- सर्व शक्ति, सर्व ज्ञान, सर्व दृष्टि, सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले, दिव्य आनंद, परम आनंद, सर्व आनंद की परम अनुभूति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- सर्व ज्ञान, सर्व योग, सर्व दर्शन, सर्व दृष्टि के हे पूर्ण ज्ञाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद हृदय स्थल में सतत प्राप्त करता रहूँ।
- सर्वभाव की दिव्य अवस्था को प्राप्त कराने वाले, सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि को कराने वाले, पूर्ण शक्ति का अनुभव कराने वाले, परम दयालु, करुणानिधान, भक्तवत्सल, शरणागतवत्सल श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करें।
- महाशक्ति के महान शक्तिमान, योग दर्शन के अंतरंग योग अवस्था को प्राप्त कराने वाले, महा योग की अंतरंग शक्ति के महाप्रभाव की जो प्रभावित अवस्था है, वो महायोगी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे महायोग की महा महिमा अनन्त है उसका गुणगान कैसे करूँ।
- हे महायोगेश्वर, महाशक्ति के महा अवतारी, सर्व जगत के पूर्ण आधार, उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों का एकमात्र ही आश्रय है।
- हे महादिव्य दृष्टि के योग दृष्टा, महायोग शक्ति के परम तेजस्वी, परम करुणानिधान, भक्तवत्सल श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय जयकार हो।
- हे सर्व जगत के जगदाधार, सम्पूर्ण जगत की शक्ति का संचालन करने वाले संचालनकर्ता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की चरणीय भक्ति का चरणीय आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- महायोगशक्ति के महाशक्तिशाली परम शक्तिमान, परम ज्ञान के परम ज्ञानी, दिव्य दृष्टि के दिव्य दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण शरण का नित्य निरन्तर अभिनन्दन करता रहूँ।
- हे सर्वशक्ति के पूर्ण शक्तिमान, महाशक्ति के पूर्ण विधाता, तुम्हारी महिमा यश और गुणगान वाणी के द्वारा कहाँ तक करूँ हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ।
- सर्वजगत का आधार है जिनसे, वो सर्व जगत के आधार के पूर्ण जो आधारी हैं, वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करें रक्षा करें रक्षा करें।
- हे महायोग के महायोगेश्वर, परम शक्ति के परम महा शक्तिशाली महायोग का दर्शन है जिनका, उन श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों का गुणगान सदा सदा ही गाता रहूँ।
- महायोग के महायोगावतारी योग दर्शन के महायोगशक्ति के महायोगी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का नित्य निरन्तर गुणगान करता हुआ चरणों के चरणाश्रित भाव के पूर्ण आश्रय को प्राप्त करूँ।
- सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि के अंतरंग दृष्टा, सर्वत्र भाव की दिव्या अनुभूति के प्रेमान्दित अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का आनंद सतत प्राप्त करता रहूँ।
- अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग दृष्टा, अंतरंग योग के परम महायोगी, परम दिव्य शक्ति का आंतरिक भाव हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी क्षण क्षण पल पल नित्य निरन्तर जागृत रहे।
- परम शक्ति, परम योग की परम दृष्टि के अनुभव की पूर्ण अवस्था की प्राप्ति है जिसको, वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे परमज्ञान के परम ज्ञानी, परम भाव के परम अवस्था को प्राप्त किये हुए कृष्णानंद के परम स्वरुप, आंतरिक योग की दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन अहर्निश भाव से नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- परम भाव, परम योग, परम दृष्टि के परम दृष्टा हे श्री देवराहा हंस बाबा जी, परा भाव की परा भक्ति के परा ज्ञान के परम आनंद की दिव्य अनुभूति को सतत प्रदान करते रहें।
- अंतर भावना की दिव्य अनुभूति के परम योग में पराशक्ति के पराज्ञान की पराभक्ति का हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का प्रार्थी हूँ।
- परम शक्ति के परम आधार, परम भक्ति के परम आनंद स्वरुप, भक्तिरस की रसानुभूति का रसानंद हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी क्षण क्षण पल पल नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- महा शक्ति के महावतार, प्रेमाभक्ति के प्रेम के अवतार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद हृदय के आंतरिक भाव में सतत प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम शक्ति के परम योगेश्वर, योग दृष्टि के महायोग दृष्टा, महाशक्ति के अंतरंग स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन हृदय की आन्तरिक अवस्था में सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे परम भाव के महा आनंद, महा आनंद के मूर्ति, महा आनंद के स्वरुप तुम्हारे शरण में पूर्ण शरणागति प्राप्त हो।
- महा पूर्ण भाव की महायोग अवस्था को प्राप्त कराने वाले, महाभाव के महाभावि आनंद के स्वरुप, तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद जीवन का पूर्ण आधार हो।
- हे धर्म के पूर्ण अवतारी, प्रेम की अंतरंग अवस्था के आंतरिक योग के प्रेम अवतारी, प्रेमावतार के प्रेमान्दित भाव हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद ही प्रेमावतार के भावानंद का पूर्ण आनंद है।
- हे प्रेमभाव के प्रेमावतारी, महाभाव के भावानंद के प्रेमस्वरूप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय योग, चरणीय आनंद, चरणाश्रित भाव की अंतरंग अवस्था की पूर्ण प्राप्ति हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी नित्य निरन्तर प्राप्त करूँ।
- परम योग दर्शन है जिसका, परम योग दृष्टि है जिसकी, प्रेम भाव की भक्ति का है परम आनंद जिसका, वैसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणाश्रित भाव का चरणाश्रित आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त करूँ।
- अंतरंग योग की दृष्टि के भाव के सर्व दृष्टा, सर्व योग की सर्व शक्ति के सर्व ज्ञान की दिव्य अनुभूति के तत्व ज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद ही पूर्ण तत्व का दर्शन है।
- कृष्णप्रेम के प्रेमभाव के प्रेमान्दित स्वरुप के धर्मावतारी, शरणागत की रक्षा का संकल्पित योग है जिसका, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो।
- प्रेमभाव के सर्वानदित भाव के प्रेम का दर्शन, सर्वत्र भाव की दिव्य अनुभूति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव में भावानन्द भावातीत अवस्था को पूर्ण प्राप्त करूँ।
- हे परम योग के परम दिव्य दृष्टा, परम शक्ति के परम भाव के परमानन्द स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के चरणाश्रित भाव का आनंद नित्य निरन्तर क्षण क्षण पल पल प्राप्त होता रहे।
- भावावेश, प्रेमावेश, ज्ञानावेश के परमभाव की भावावस्था के प्रेम की प्रेमावस्था को प्राप्त कराने वाले भावानन्द के परम स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल का दर्शन ही पूर्ण भाव का पूर्ण अवतार है।
- परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम योगी, परम शक्ति के परम शक्तिमान, परम भक्ति के प्रेम स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के आंतरिक भाव का पिपासी हूँ, पूर्ण करो पूर्ण करो।
- हे योग दृष्टि के महायोग दृष्टा, महायोग शक्ति के महासक्ति दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणीय योग का चरणीय आनंद जीवन का पूर्ण आधार है।
- महाभाव की महाभक्ति का महायोग है जिनका, वो महाभक्ति के महास्वरूप श्री देवराहा हंस बाबा जी, महाभाव और महाभक्ति का प्राकट्य हृदय में प्राप्त करता रहूँ।
- महा आनंद के महावतारी, परम भाव के परम आनंद के स्वरुप, आंतरिक भाव के आंतरिक योग की दृष्टि के आंतरिक रस की रसानुभूति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे आनंद के साक्षात् स्वरुप, प्रेम भाव के प्रेमावतारी, भावानन्द की पूर्ण अवस्था का अनुभव कराने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी, भावानन्द प्रेमानंद के दिव्य रस की रसमयी अवस्था की रसानुभूति तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय आनंद के चरणीय रस से प्राप्त होती रहे।
- हे महाभाव के पूर्ण भावनन्द के दिव्य स्वरुप, सर्वशक्ति के परम ज्ञानी, परम ध्यान के महा ध्यानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के अंतरंग भाव के प्रेमान्दित रस का नित्य निरन्तर पान करता रहूँ।
- हे भावानन्द के प्रेमानंद के स्वरुप, प्रेम भाव की पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले, प्रेम दर्शन की दिव्य अनुभूति के पूर्ण पराकाष्ठा के आंतरिक भाव के प्रेम के स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित योग जीवन का पूर्ण आधार हो।
- प्रेम भाव है भक्ति जिनके चरणकमलों में, दिव्य प्रेम का प्रेमान्दित भाव है जिनके चरणकमलों में, वे चरणानन्द के दिव्य आनंद के स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का गुणगान जीह्वा पर नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- महायोग दर्शन की महा दृष्टि के महा दृष्टा, महायोग शक्ति के परम आधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की भक्ति जीवन का एकमात्र एक आधार हो।
- महाभाव के भावानन्द के प्रेम स्वरुप आनंद की दिव्य लहरों की तरंगित भावनाओं को पैदा करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का चरणीय आनंद जीवन का परम आधार हो।
- हे परम आनंद के परम शक्ति के परम स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के चरणीय आनंद के प्रेम रस का पान जीवन के संग संग सदा सदा ही बना रहे।
- हे योग दर्शन के योग शक्ति के परम शक्तिमान श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सर्व भौम के संचालन की क्रियाओं के क्रियात्मक योग के तुम्हीं आधार हो।
- परम भाव, परम शक्ति, परम दर्शन के परम स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी इस भूमण्डल में धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो।
- सर्वज्ञान का दिव्य दर्शन है जिसका, सर्व प्रेम का दिव्य आनंद है जिसका, सर्व जगत के पूर्ण आधार हैं जो, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में चरणाश्रित भाव का पूर्ण आनंद प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ।
- परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम योगी, भाव भक्ति प्रेम दर्शन की पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरण रस मस्तक पर सदा सदा ही धारण हो।
- प्रेम के प्रेमानंद स्वरुप, ज्ञान के अंतरंग अवस्था के परम ज्ञानी, भक्ति रस की रसमयी धारा के रसामृत का पान कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की महिमा का गुणगान सदा सदा ही करता रहूँ।
- हे जगत के परम आधार, परम शक्ति के परम योग दृष्टा, परम ज्ञान के परम ज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के मकरन्द रस का सदा सदा ही पान करता रहूँ।
- हे महाभाव की भावातीत अवस्था को प्राप्त कराने वाले, परम भक्ति के परम आनंद के परम स्वरुप, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरण रस का पान जीवन का एकमात्र आधार हो।
- परम भक्ति, परम योग दर्शन, परम योग दर्शन परम ध्यान के ध्यानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का सम्पूर्ण आश्रय सदा सदा ही प्राप्त होता रहे।
- महायोगेश्वर, महाभाव के भावेश्वर, महाशक्ति के शक्तेश्वर, हे महाज्ञान के ज्ञानेश्वर श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही लीला मात्र से ही इस सृष्टि का संचालन होता है।
- हे महाभाव के जन्मदाता, परम आनंद के पूर्ण विद्याता, सर्व जगत की सर्व शक्ति के पूर्ण आधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी यह सर्व जगत तुम्हारी लीला मात्र का ही तो विलास है।
- हे महाशक्ति के महायोगेश्वर, परम योग के महायोगी, महाशक्ति के महास्वरूप को धारण करने वाले शक्तिमान, सनातन धर्म की रक्षा करो, धर्म की रक्षा करो।
- महा आनंद के महास्वरूप, महाशक्ति के महादाता, सर्व जगत के पूर्ण विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की महिमा अपरम्पार है उसका गुणगान कहाँ तक करूँ।
- परम भक्ति, परम शक्ति, परम आनंद का स्वरुप है जिनका वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तो जगत के परम आधार हैं अतः बार बार उनके श्री चरणकमलों में बार बार बलिहारी जाता हूँ।
- प्रेमभाव भावभक्ति के भावानन्द के परम स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की शरणागति को शरणागत भाव में सदा सदा ही भावित करते रहो।
- चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद है जिनका, चरणकमलों की वंदना करता रहूँ जिनकी, वो ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के अंतरंग प्रेम की भावनाओं का भावित योग हृदय के अंतरंग में ऐसे जागृत रहे की जीवन का क्षण क्षण पल पल उनके चरणों के प्रेमारस की प्रेममयी धारा में जीवन का जो भी पूर्ण भाव का रस हो, उसकी रसानुभूति प्राप्त होती रहे।
- हे परम दिव्य, परम भक्ति के प्रेमावतार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की वंदना से ही तो श्रीकृष्ण के प्रेमाभक्ति के भाव का रस जो प्रेम रस है वो सहज में प्राप्त हो जाता है, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों में बार बार नतमस्तक होता हूँ।
- हे परम योग के महायोगी, परम आनंद के परम स्वरुप, जिनके आंतरिक शक्ति के आंतरिक प्रभाव की सहजावस्था के द्वारा समस्त भूमण्डल का आंतरिक ज्ञान हो जाता है, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।
- परम भाव के परम भावी, परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम दृष्टा, परम शक्ति के पूर्ण शक्तिमान, तुम्हीं तो धर्म की रक्षा के धर्मावतारी हो, धर्म (सनातन) की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो।
- हे परम दिव्य पुरुष, परम योग के परम दृष्टा, परम भक्ति के परमानन्द को प्राप्त कराने वाले, भावानन्द की भावातीत समाधि की पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही दया करुणा की करुणीय दृष्टि के द्वारा सज्जन पुरुषों की रक्षा सनातन धर्म की रक्षित रक्षा की रक्षा को रक्षित करो रक्षित करो रक्षित करो।
- प्रेम की अंतरंग अवस्था के अंतरंग योग की दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, प्रेम की अंतरंग अवस्था की दिव्य अनुभूति को हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण शरण की चरणाश्रित अवस्था को प्राप्त करता हुआ नित्य निरन्तर करूँ।
- हे सर्वभाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण योगदृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय योग का चरणीय आनंद सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे परम ज्ञान की परम तेजस्वी परम शक्ति के परम दाता, प्रेम भाव के पूर्ण विधाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का माधुर्य, प्रेमरस की रसानुभूति सदा सदा प्राप्त होती रहे।
- हे परम कल्याणकारी, परम मंगलकारी, करुणानिधान, शरणागत रक्षक श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी परम असीम कृपा का नित्य निरन्तर आकांक्षी हूँ।
- हे परम दयालु, करुणानिधान, भक्तवत्सल श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो।
- हे परम दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, सर्व योग के पूर्ण ज्ञानी, भक्ति के परम भाव के अंतरंग प्रेमरस की रसामृतधारा को पान कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का पूर्ण आश्रय सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे महाभाव के प्रेम के आंतरिक रस के रसादार भाव भक्ति के प्रेमाधार, अंतरंग योग की प्रेम भक्ति के परम दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों में चरणों के चरणीय आनंद की चरणीय अवस्था सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे प्रेमभाव भक्ति के परम आनंद के स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के परम आनंद का दर्शन सदा सदा प्राप्त करूँ।
- हे भक्ति भाव के प्रेमातुर अवस्था को प्राप्त कराने वाले, भक्ति के परम भाव की पूर्ण अवस्था के अनन्य सेवी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में भक्ति भाव के पूर्ण भावानन्द, प्रेमानन्द, चरणानन्द की दिव्य अनुभूति सदा सदा प्राप्त होती रहे।
- हे महा शक्ति के महा योग दृष्टा, भक्ति योग के परम रसिक, रसाानन्द, प्रेमानन्द, चरणानन्द की दिव्य अनुभूति हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय आनंद के चरणीय योग में सदा सदा ही प्राप्त करता चलूँ।
- हे प्रेमरस के रसावतारी, प्रेमानन्द, सर्वानन्द, भावानन्द, नित्यानन्द, सर्व आनंद के प्रेमरस की धारा का रसपान कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही नाम की महिमा के नाम के प्रभाव से प्रेम की रसानुभूति का रसानंद सहज प्राप्त हो जाता है।
- हे भक्ति भाव के प्रेमानंद की प्रेम विह्वलता के दिव्य रस का रसपान कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे महायोग दर्शन की महा दृष्टि के महा दृष्टा, परम भाव के परम आनंद के परम स्वरुप, परम शक्ति के परम आश्रय को देने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों को नित्य निरन्तर ध्यान करूँ।
- हे महायोग शक्ति के महाज्ञानी, योग माया के पूर्ण अंतरंग शक्ति के आंतरिक योगी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों में चरणों के चरणाश्रित भाव की पूर्ण अवस्था का परम आश्रय सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे प्रेमाभक्ति के परम आनंद की जिज्ञासु हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का दर्शन हृदय में निशिवासर करता रहूँ।
- हे महाभाव के महारस के रसधार के महा आनंद के स्वरुप, भक्ति भाव प्रेम के प्रेमान्दित भाव का स्वादन कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों में आंतरिक भाव के प्रेम का आनंद सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे महाभाव के भावानन्द, प्रेम योग के प्रेमानंद हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का ध्यान नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे परम दिव्य भाव के भावानंद के स्वरुप तुम्हारे चरणकमलों से ही सर्व संकट हरण होते देर नहीं लगती हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का बार बार वंदन करता रहूँ।
- हे महायोग के परम ज्ञानी, परम ध्यान के महाध्यानी, ज्ञान के चरम योग के महाज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में नित्य निरंतर ध्यान करता रहूँ।
- हे परम भाव के परम दृष्टा, परम शक्ति के महा शक्तिमान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम यशगान का गुणगान कहाँ तक करूँ।
- हे भक्ति भाव में पूर्ण प्रविष्ट अवस्था को प्राप्त किये हुए तुम्हारी जो लीला है हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के चरणीय रस का पान करने वालों का सहज मुक्ति मार्ग है।
- हे प्रेम की आंतरिक भावना की पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल की चरणाश्रित अवस्था को पूर्ण प्रदान करें।
- हे सर्व संकट हरण करने वाले, सर्व मंगल की मंगलमयी दृष्टि को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का नित्य नित्य गुणगान करता रहूँ।
- हे भावनन्द, प्रेमानन्द, पूर्णानन्द के परम दयालु हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी करुणामयी वाणी नित्य निरन्तर चरणों के दर्शन की दर्शनाभिलाषी का प्रार्थी हूँ।
- महा ज्ञान के परम महाज्ञानी, महा योग के परम योग दृष्टा, परम शक्ति के महा पराक्रमी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे यश, कीर्ति, पराक्रम का गुणगान कहाँ तक कहूँ।
- हे सर्वभाव के प्रेमानन्द स्वरुप, परम भक्ति के भावानंद स्वरुप, परम ज्ञान के परम ज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित योग नित्य निरन्तर प्राप्त होता रहे।
- हे भक्ति योग की महा तरंग के तरंगित दृष्टा, तुम्हारे भक्ति भाव का तरंगित योग ही सम्पूर्ण भूमण्डल में व्याप्त है अतः हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल में चरणीय आनंद सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे करुणानिधान, परम दयालु, भक्तवत्सल, शरणागत रक्षक श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शरण में हूँ रक्षा करो रक्षा करो।
- हे परम योग के परम तपस्वी, परम ज्ञान के महा ज्ञानी, महा ध्यान के महा ध्यानी, महायोग के योगिसम्राट हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की वंदना नित्य निरन्तर करता रहूँ।
- हे दयानन्द, करुनानन्द, कृपानन्द, परम कृपालु हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी भावानन्द की पूर्ण अवस्था सदा सदा ही प्राप्त होती रहे।
- हे परम महा आनंद के स्वरुप, महा शक्ति के महा योग दृष्टा, परम ज्ञान की परम दृष्टि के दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद नित्य निरन्तर प्राप्त होता रहे।
- सर्व भाव के परम दाता, सर्व ध्यान के परम विधाता, पूर्ण भक्ति के सर्व भाव को प्रदान करने वाले हे परम कृपालु श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी दया करो दया करो दया करो।
- हे भक्तिरस के रसामृत रस का पान कराने वाले रसानन्द के रस स्वरुप प्रेमानन्द के प्रेमस्वरूप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद जीवन का परम आधार है।
- हे प्रेमाभक्ति के भावानन्द के पूर्ण भाव की विह्वल भावनाओं के मूल स्त्रोत हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- महा भाव है जिसका, परम योग की दृष्टि है जिसकी, परम ज्ञान का जो महा ज्ञानी है, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों में कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ।
- सर्वभाव की दिव्य अनुभूति के प्रेमानन्दित भाव के परम भाव की स्थिति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की अनन्य भक्ति सदा सदा ही प्राप्त होती रहे।
- हे महाभाव के भावानन्द स्वरुप, प्रेमाभक्ति के प्रेमानन्द स्वरुप, परम दयालु, परम कृपालु, करुणानिधान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में नित्य निरन्तर कोटि कोटि प्रणाम।
- हे सर्वयोग की परम दृष्टि को प्रदान करने वाले, सर्व ध्यान की परम भावनाओं को जगाने वाले, परम भाव के परम अतीत अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का एकमात्र ही परम आश्रय है।
- हे महायोगेश्वर, महाशक्ति के महास्वरूप, योगदर्शन के महा योग दृष्टा, परम तेज के परम तेजस्वी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम योगी, परम त्याग के परम त्यागी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन जीव्या का ही पूर्ण आधार हो।
- हे भावानन्द, प्रेमानन्द, कृष्णानन्द के परम आनंद के स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय भाव सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे परम भाव के परम आनंद की स्वरुप, नित्य निरन्तर गुणगान करूँ जिसका, वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी जीवन के पूर्ण आधार हों।
- हे परम योग के परम दृष्टि के परम दृष्टा, पूर्ण भाव के परम भावानन्द के स्वरुप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का यशगान जीह्वा पर अनवरत होता रहे।
- हे परम ज्ञान के महायोगी, महात्याग के महात्यागी, त्याग्दर्शन योगदर्शन प्रेमदर्शन है जिनका, उनकी अनन्य कृपा की अनन्य भक्ति हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सदा सदा प्राप्त हो।
- हे सर्व संकट को हरने वाले, परम कल्याण की दृष्टि को प्रदान करने वाले, मंगल के दिव्य स्वरुप अमंगलहारी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की वंदना सदा सदा ही करता रहूँ।
- ज्ञान ध्यान है जिनका, प्रेम भाव भक्ति का उनके श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमल का दर्शन नित्य निरन्तर प्राप्त होता रहे।
- हे प्रेमभाव के प्रेमावतार, सर्व विघ्न को दूर करने वाले परम मंगलकारी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो।
- हे महाटगेश्वर, महाशक्ति के पूर्ण शक्तिमान, परम ज्ञान के महाज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणकमलों में हर क्षण हर पल समर्पित हो।
- हे परम ध्यान के परम ध्यानी, परम योग के परम दृष्टा, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का दर्शन सदा सदा ही प्राप्त करूँ।
- हे परम भाव के भावानन्द के स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की यशकीर्ति का गुणगान चहुर्दिश फैलता रहे।
- हे महाशक्ति के परम शक्तिशाली, परम योग के परमयोग दृष्टा, योगियों के योग दर्शन की सम्राट श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे योग की महिमा का यश और कीर्ति सम्पूर्ण भूमण्डल में फैलती चले।
- हे परम आनंद के स्वरुप, परम शक्ति के परम शक्तिशाली श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी शक्ति का प्रभाव सम्पूर्ण भूमण्डल में फैलता चले।
- हे जीवन के प्राणाधार, प्रेमाभक्ति के प्रेमावतार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की प्रीती नित्य निरन्तर बढ़ती रहे।
- चरणकमलों के चरणाश्रित भाव के चरण का आनंद है जिनका, जीवन का पूर्ण आधार वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी रक्षा करें रक्षा करें रक्षा करें।
- प्रेम की सर्वभावना की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले, प्रेमभाव की पूर्ण भक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी लीला का श्रवण मनन जीवन का पूर्ण आधार हो।
- हे मंगलमयी कल्याण की दृष्टि को प्रदान करने वाले, सम्पूर्ण जगत के जगदाधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा यश गुणगान जीव्हा पर सदा सदा ही होती रहे।
- हे धर्म की रक्षा की रक्षित शक्ति को प्रदान करने वाले रक्षक, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी धर्म (सनातन) की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो।
- हे अंतरंग शक्ति के आंतरिक दृष्टा, अंतरंग योग की पूर्ण अनुभूति को देने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल का चरणीय आनंद सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम भाव के दिव्य दृष्टा, अंतर भाव की दिव्य अनुभूति को प्राप्त कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों को शत शत प्रणाम करता हूँ।
- हे आनंद के परम स्वरुप, आंतरिक भाव की दिव्य दृष्टि को पूर्ण प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का यशगान सदा सदा करता रहूँ।
- हे परम दिव्य अंतर भाव की दिव्य शक्ति को प्रदान करने वाले, परम आनंद के पूर्ण स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी यश कीर्ति का गुणगान सदा सदा करता रहूँ।
- हे सर्व जगत के पूर्ण आधार, जगत की शक्ति के आंतरिक स्त्रोत हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का यशगान नित्य निरन्तर गाता रहूँ।
- हे परम आनंद की स्वरुप, सर्व शक्ति के पूर्ण आंतरिक दृष्टा, प्रेम की परम दिव्य अनुभूति कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित भाव नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम योग के योगी, परम शक्ति के परम आधार, तत्व ज्ञान के तत्व दर्शी, तुम्हारे प्रेम की आंतरिक विह्वलता को हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम शक्ति के आंतरिक योग की दृष्टि को प्रदान करने वाले परम महा योगी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हीं तो योग दर्शन के महा योगी हो अतः तुम्हारे चरणकमलों में कोटि कोटि प्रणाम हो।
- हे परम भाव की परम भावनाओं को जागृत करने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित भाव सदा सदा प्राप्त होता रहे।
- हे महादिव्य शक्ति के महादिव्य दाता, महायोग शक्ति के परम स्वरुप, तुम्हारे नाम का गुणगान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी जीवन का परम आश्रय हो।
- हे पूर्ण भाव के सर्वनिष्ठ दृष्टा, प्रेमाभक्ति के प्रेमानंद स्वरुप, जीवन का सर्वस्व हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी न्यौछावर है।
- हे श्री परम ज्ञान के परम ज्ञानी, परम ध्यान के परम ध्यानी, योगतत्व के परम योग तत्वदृष्टा, तत्व ज्ञान के पूर्ण दर्शित तत्वज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा यशगान का गुणगान जीव्या का एक आधार हो।
- हे परमदिव्य शक्ति के परम आधार, सर्व जगत की दिव्य दृष्टि के पूर्ण आश्रय दाता, सर्व जगत में हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी परम दिव्य वाणी का प्रभाव फैलता रहे।
- हे परम योग के परम दृष्टा, भक्ति मार्ग के प्रेमानन्द स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का अभिवंदन जीवन का मूल आधार हो।
- हे अंतरंग ज्ञान की आंतरिक दृष्टि के अंतरंग दृष्टा, आंतरिक योग के परम योगी, दिव्य दृष्टि के अंतरंग दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे परमशक्ति के परम तेज पुंज, परम ध्यान के पूर्ण ध्यानी, सर्व दृष्टि के अंतरंग दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- हे पराभक्ति के पराज्ञान की पराशक्ति के दिव्य स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का नित्य निरन्तर गुणगान करता रहूँ।
- हे पराभक्ति के पराज्ञान के अंतरंग दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी आंतरिक शक्ति के आंतरिक योग का अंतरंग प्रभाव अपरिमित है।
- हे परम दिव्य ज्योति के परम पुंज, परम दिव्य शक्ति के आंतरिक योग दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का नित्य निरन्तर अभिवंदन करता हूँ।
- हे सर्व भाव की दिव्य अवस्था को प्राप्त कराने वाले, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी जीवन का आधार तुम्हारे चरणों के चरणाश्रित भाव से प्राप्त होता रहे।
- हे परम दिव्य दृष्टि के आंतरिक दृष्टा, अंतरंग योग की शक्ति के परम ज्ञानी, परम दिव्य आनंद के स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का ही एकमात्र जीवन का आधार है।
- हे परम दिव्य आनंद के स्वरुप, परम दिव्य शक्ति के आंतरिक योगी, योग दर्शन है जिसका जीवन की पूर्ण शक्ति, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों की अनन्य भक्ति, अनन्य भाव का पूर्ण आश्रय सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ।
- हे दिव्य शक्ति के दिव्य दृष्टा, आंतरिक योग के पूर्ण योगी, परम योग की परम अवस्था की पूर्ण सिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में बार बार बलिहारी जाता हूँ।
- हे सर्व योग दर्शन के सर्व योग दृष्टा, सर्व शक्ति के पूर्ण शक्तिमान, पूर्ण आनंद की सर्व दृष्टि के पूर्ण दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की अनन्य भक्ति नित्य निरन्तर प्राप्त करता रहूँ।
- हे श्री अंतरंग योग की दृष्टि के परम दृष्टा, परम शक्ति के परम योगवान, आनंद प्रिय दृष्टि के पूर्ण दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों में भाव भक्ति प्रेम का विश्वास एकमात्र एकी स्थिति से स्थित अवस्था का प्राप्त होता रहे।
- हे परम योग की परम दृष्टि को देनेवाले अंतरंग भाव की पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल की अनन्य भक्ति अहर्निश भाव से प्राप्त होती रहे।
- हे महाशक्ति के महा आनंद के स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी चरणों की महिमा का गुणगान जीवन का एकमात्र ही आधार हो।
- हे भक्ति दर्शन के आंतरिक भाव के प्रेम को जगाने वाले, भगवान् श्री कृष्ण के चरणों की अनन्यता के अनन्य आश्रय को प्रदान करने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणकमल के चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद हर क्षण प्राप्त करता रहूँ।
- हे अंतरंग योग दृष्टि के अंतरंग योग दृष्टा, अंतरंग योग शक्ति के पूर्ण दाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलो के चरणीय आनंद का चरणीय आश्रय सदा सदा प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम ज्ञान के ज्ञानी, परम शक्ति के परम योग के परम दृष्टा, तुम्हारे चरणकमलों की चरणाश्रित अवस्था को हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सतत प्राप्त करता रहूँ।
- हे महाशक्ति के महास्वरूप, दिव्य दृष्टि के महादृष्टा, परम ध्यान के परम ज्ञानी, तत्व दर्शन के पूर्ण तत्ववेत्ता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी जय हो जय हो जय हो।
- हे आनंद के परम स्वरुप, प्रेमाभक्ति के प्रेमावतार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की चरणाश्रित भावना प्रेमभाव भक्ति का पूर्ण संगम हो।
- हे दिव्य दृष्टि के दिव्य ज्ञान के परम दृष्टा, परम योगशक्ति की परम दृष्टि के दृष्टिगत ज्ञान के पूर्ण आधार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन नित्य नित्य करता रहूँ।
- हे सर्वज्ञान के सर्व ज्ञानी, प्रेम भाव की भक्ति के प्रेमस्वरूप, पूर्ण भाव की दिव्य दृष्टि के अंतरंग दृष्टा, अंतरंग शक्ति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमल का दर्शन की सर्व विघ्न को नाश करने वाला है।
- हे पराभक्ति के पराज्ञान के परास्वरूप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी पराशक्ति का प्रभाव ही तो सम्पूर्ण भूमण्डल में फैला हुआ है।
- हे सर्वध्यान की परम आनन्दवरूप पराशक्ति के पराज्ञान के परम दृष्टा, परम योग की परम भक्ति के परा स्वरुप श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलो की अनन्य भक्ति सदा सदा प्राप्त होती रहे।
- हे परमदिव्य ज्योति की पूर्ण देदीप्यमान महाशक्ति के महादृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही नाम की महिमा का गुणगान सर्व भूमण्डल को प्रभावित कर देगा।
- हे परम शक्ति के परम तेजस्वी, परम ध्यान के ध्यानी, सर्वज्ञान की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दाता, सर्व ज्ञान की दिव्य शक्ति के पूर्ण विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरनकमो की अनन्य भक्ति सदा सदा ही प्राप्त होती रहे।
- हे सर्व शक्ति के परम योग दृष्टा, परम भक्ति के पूर्ण स्वरुप, सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को देने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की यश कीर्ति सम्पूर्ण भूमण्डल में एकमात्र एकीय प्रभाव में प्रभावित हो।
- हे परम आनंद के परमानद स्वरुप, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को देने पाले परम दाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आनंद कीवन का परम आधार हो।
- हे परम योग के महायोगी, महाशक्ति के महास्वरूप हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन जीवन का परम आश्रय हो।
- हे परम शक्ति के पूर्ण शक्तिमान, परम योग के परम दृष्टा, ध्यान योग के परम ध्यानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित भाव ही तो जीवन का सच्चा आनंद है।
- हे दिव्य ज्ञान के परम ज्ञानी, सर्व शक्ति के परम आधार, प्रेमनिष्ठ भावनाओं को पूर्ण जागृत करने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों में चरणीय नमन शत शत बार करता रहूँ।
- हे आंतरिक योग की दृष्टि के परम दृष्टा, परम दिव्य शक्ति के परम आधार, परम ज्ञान के परम ज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की स्तुति बार बार जीव्या पर करता रहूँ।
- हे परम दिव्य भाव के पूर्ण दाता, अंतरंग शक्ति के पूर्ण विधाता, प्रेम की पप्रेमान्दित भावनाओं को जगाने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का दर्शन नित्य निरन्तर प्राप्त होता रहे।
- हे परम दिव्य आनंद के स्वरुप, परम शक्ति के परास्वरूप, पराज्ञान के आंतरिक ज्ञाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का वंदन जीह्वा का एकमात्र एक ही आधार हो।
- हे परम दिव्य भाव की आंतरिक भक्ति को प्राप्त कराने वाले, परम दिव्य शक्ति के आंतरिक स्त्रोत को जगाने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का चरणीय आनंद सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ।
- हे दीनदुखियों के दुःख को हरण करने वाले, सर्व पापभाव को दूर करने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी एकमात्र तुम्हारे चरणकमलों के आश्रित हूँ आश्रित हूँ आश्रित हूँ।
- हे परम ज्योति के परम स्वरुप, परम ध्यान के आनंद दृष्टा, परम योग के महाज्ञानी, महाभाव की महाभक्ति को देने वाले, भक्ति योग दर्शन के दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्ही तो एकमात्र जीवन के आधार हो, तुम्ही तो एकमात्र जीवन के आधार हो, तुम्ही तो एकमात्र जीवन के आधार हो।
- हे सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले, सर्व शक्ति के आंतरिक स्त्रोत के उदगम स्थल के विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों के चरणाश्रित आनंद का जीवन का परम आश्रय हो।
- हे सर्व ज्ञान के परम दृष्टा, पूर्ण भाव की आंतरिक अनुभव को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणकमलों के आश्रित हूँ दया करो दया करो दया करो।
- हे अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग दृष्टा, अंतरभाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, सर्व योग के सम साक्षात्कार की पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरणकमलों की अनन्य भक्ति सदा सदा ही प्राप्त करूँ।
- हे सर्वभाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, आंतरिक शक्ति के अंतरंग योग की दिव्य अनुभूति को पूर्ण प्राप्त करानेवाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा जय हो।
- हे अंतरभाव की पूर्ण अवस्था के आंतरिक दृष्टा, परम दिव्य शक्ति के पूर्ण साक्षात्कार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी जय हो।
- परम ज्ञान के पूर्ण ज्ञानी, दिव्य शक्ति के परम दृष्टा, सर्व अनुभूति के परम योगनिष्ठ दृष्टा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्रीचरणकमलों की अनंत महिमा का गुणगान गाता रहूँ।
- हे सत्यनिष्ठ भावना के सत्य आधार, सत्य अनुभूति के परम योग के आंतरिक दृष्टा, हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारा वरदहस्त सदा सदा पाता रहूँ।
- हे अंतरंग योग दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, परम दिव्य शक्ति की अंतरंग दृष्टि का पूर्ण ज्ञान प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा सदा सदा ही गाता रहूँ।
- हे परम पावन परम योग के परम दृष्टा, परम ज्ञान के पूर्ण ज्ञानी, श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलो का चरणीय गुणगान सदा सदा गाता रहूँ।
- हे जीवन के परम आधार, परम शक्ति के महापुंज, तुम्हारी महिमा का गुणगान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सदा सदा ही चलता रहे।
- हे परम दिव्य दृष्टि के अंतरंग दृष्टा, अंतरंग शक्ति के पूर्ण स्त्रोत, सर्वज्ञान सर्वदृष्टि सर्व भाव के दिव्य प्रेम को हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी प्रदान करो।
- हे सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति, परम भाव के सम दृष्टा, समदर्शित भाव के समज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो।
- हे अंतरंग प्रेम के आंतरिक प्रेम के स्वरूप, प्रेमानंद की दिव्य अनुभूति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलो का चरणीय आनंद सदा सदा ही प्राप्त करूँ।
- हे परम आनंद के परमानन्द स्वरुप, प्रेम की परा भावना के परादर्शी, पराज्ञान के अंतरंग ज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलो का चरणीय वंदन सदा सदा करता रहूँ।
- हे परम भाव के परम ज्ञानी, परम ध्यान के परम दयालु, परम कृपा की पूर्ण अनुभूति को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- हे अंतरंग योग के पूर्ण दृष्टा, सर्व भाव के प्रेमानंद, सर्व योग के परम ज्ञानी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का गुणगान अनवरत करता रहूँ करता रहूँ करता रहूँ।
- हे दीनदुखियों के दुखहर्ता, समप्रेम के पूर्ण परम प्रेमी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलो की अनन्य भक्ति हर पल हर क्षण प्राप्त होती रहे।
- हे सर्वज्ञान के परम ज्ञानी, परम योग के परम योगी, परम ध्यान के अंतरयामी घट घत वासी प्रेम निवासी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलो का चरणाश्रित आनंद हर पल हर क्षण पाता रहूँ।
- हे परम दयालु, परम कृपालु, करुणानिधान, भक्तों के भक्त वत्सल, शरणागत के रक्षक हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत के प्राणाधार तुम्हारी जय हो जय हो जय हो।
- हे भक्ति रस के रसानंद, आंतरिक भाव के पूर्ण विधाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की चरणरज मस्तक पर सदा सदा ही धारण करूँ।
- हे करुणासागर, प्रेम की आंतरिक विह्वलता को जगाने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों को शिरोधार करूँ शिरोधार करूँ शिरोधार करूँ।
- हे प्रेम भाव भावनाओं के महापुंज, प्रेम भाव की सरल भावनाओं की परम आश्रयदाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का गुणगान सदा सदा ही करता रहूँ।
- हे परम प्रिय परमानन्द स्वरुप, भावानंद के भावातीत समाधि को समाधिस्थ करनेवाले परम कृपालु श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का बार बार गुणगान करता रहूँ।
- हे सर्व योग के परम दृष्टा, परम ज्ञान के अंतर ज्ञानी, अंतरंग शक्ति के आंतरिक दृष्टा श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का यशगान निरंतर चहूँ दिशा में सुयश कीर्तिमान हो।
- हे अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग दृष्टा, आंतरिक शक्ति के पूर्ण दाता, अंतरंग योग दृष्टि के आधार के जीवन का परम आनंद हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी असीम दया कृपा के द्वारा सहज प्राप्त है।
- अंतरंग योग दृष्टि के आंतरिक अनुभव के योग दृष्टा, परम शक्ति के पूर्ण आधार है जीवन जिनका, वही तो शक्ति के पूर्ण प्रदाता विधाता, आनंद के परम स्वरुप हैं, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों में वन्दनीय स्तुति बारम्बार करता रहूँगा।
- हे अंतरंग योग के परम दृष्टि के महा दृष्टा, अंतरंग शक्ति के अंतरंग योग की दृष्टि को प्रदान करने वाले महायोगी श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का यशगान सदा सदा ही गाता रहूँगा।
- भक्ति योग के तरंगित योग के परम तरंग दाता, भक्ति भाव के परम प्रेम विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही परम कृपा की परम दया दृष्टि का आंतरिक भाव प्रेमी भक्तों की शरणागति का पूर्ण आधार है।
- हे अंतरंग भाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण योग दृष्टा, हे परम योग दर्शन के महा योगी, महा योग दर्शन की दृष्टि का दिव्य ज्ञान है जिनका, ऐसे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी के चरणकमलों में अहर्निस चरणीय वंदन का आंतरिक स्त्रोत हर पल हर क्षण प्राप्त होता रहे।
- हे प्रेमानंद सर्वानंद दिव्यानंद पूर्णानंद ध्यानानंद की दिव्य मूर्ती श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों में कोटी कोटी प्रणाम करता हुआ पूर्ण भाव से चरणाश्रित हूँ।
- हे परम दिव्य कृपा के पूर्ण निधान, प्रेम भाव की प्रेमाभक्ति के अंतरंग भाव की विह्वलता को जागृत कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का दर्शन नित्य निरंतर प्राप्त करता रहूँ।
- हे प्रेम भाव के अनन्य प्रेम दर्शन के प्रेमावतार, दयां दर्शन के परम्ध्यानी, योग दर्शन के परमयोगी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का यशगान चहूँ दिशा में पूर्ण कीर्तिमान हो।
- हे सर्व भाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण प्रेम भाव की परम दृष्टि के परम दाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की महिमा का गुणगान निशिवासर गता रहूँ।
- हे परम भाव की दिव्य दृष्टि के आनंद के स्त्रोत श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की महिमा का गुणगान, यश कीर्ति का फैलाव सर्वत्र भूमंडल में आच्छादित हो।
- हे सर्व भाव की प्रेम भक्ति के परम भाव को जागृत कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की महिमा, नाम का यशगान, चरणों के प्रताप से सर्व भूमंडल में धर्म की रक्षा हो रक्षा हो रक्षा हो।
- हे परम शक्ति के पूर्ण आधार, भक्ति भावनाओं के जागृत स्वरुप, तुम्हारी महिमा का अमित प्रभाव सर्व जगत गुण गान करे ऐसे हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा जय हो।
- हे पूर्ण भाव के बावेश्वर, चरणकमलों की चरणाभक्ति के परम दाता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों के आधार से ही तो जीवन है, अतः तुम्हारी सदा सदा ही जय हो जय हो।
- हे पूर्ण भाव के भावानन्द, जगत के आधार के जगदानंद श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों में कोटी कोटी प्रणाम करता रहूँ।
- हे आंतरिक भाव के पूर्ण दृष्टा, प्रेमाभक्ति के पूर्ण चरणों की चरणाश्रित स्थिति को प्राप्त कराने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- अंतरंग भाव की दिव्य दृष्टि के दिव्य दृष्टा, सर्व ध्यान की दिव्य दृष्टि के प्रेम के आधार, सर्व जगत के पालनकर्ता, परम दीनदयालु भक्तवत्सल शरणागत रक्षक हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो सदा सदा ही जय हो सदा सदा ही जय हो।
- हे परम दिव्य शक्ति के आधार की प्रेरणा के प्रेरित स्त्रोत, भूमंडल की चेतन शक्ति को जागृत करनेवाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के अहर्निष भाव की अनन्य भक्ति के लिए सदा सदा ही ललायित हूँ।
- हे करुणासागर, परम दया के परम दयालु, चरण शरण के रक्षक स्वामी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करने का तुम्हारा जो व्रत है, वो भक्तवत्सल की महिमा ही जीवन का आधार है।
- हे प्रेमाभक्ति के प्रेम सागर की आंतरिक धारा, तुम्हारे ही चरणकमलों के रसानंद का भाव ही प्रेमाभक्ति के तरंगो की तरंगित धारा है अतः हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की अनन्य प्रेमाभक्ति के आंतरिक प्रेम की तरंगो के तरंगित योग का पूर्ण तरंगित प्रवाह चलता रहे चलता रहे।
- हे परम पावन जीवन के परम आधार, क्षण क्षण पल पल जीवन की आंतरिक भावनाओं को जगाने वाले प्रेम विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय आनंद नित्य निरंतर प्राप्त करता रहूँ।
- हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की शरणागति के भाव भक्ति प्रेम की प्रेमास्पद धारा का प्रवाह नित्य निरंतर हृदय के हृदयानंद की परम प्रेमानंद अनुभूति में देते रहो देते रहो।
- हे अंतरंग योग की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा, प्रेम की आंतरिक अनुभूति के पूर्ण दाता, अंतरंग शक्ति के अंतरंग भाव के परम विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी परम शक्ति का परम गुणगान जीह्वा पर नित्य निरंतर पान होता रहे।
- हे महा शक्ति के महापुंज, योगशक्ति की महाशक्ति के पूर्ण विधाता, सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले परम कृपालु हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणीय वंदन जीह्वा पर नित्य निरंतर करता चलूँ करता चलूँ करता चलूँ।
- हे पूर्ण भाव के भावेश्वर, प्रेम ज्ञान के ज्ञानेश्वर, ध्यानी के ध्यान योग के ध्यानेश्वर, ज्ञानी के ज्ञानयोग के महा आनंद की परम अवस्था को प्राप्त कराने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का गुणगान सर्व भूमंडल में फैलता रहे फैलता रहे।
- हे परम प्रिय परम आनंद के मूल स्त्रोत, जग जीवन के परम आधार, परम दृष्टि के परम शक्तिदायक हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की नित्य नित्य वंदन एवं शत शत प्रणाम करता हूँ।
- हे परम आनंद के महा परम योगी, परम शक्ति के महा शक्तिमान, जगत के परम आधार श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का निशिवासर वंदन करता रहूँ।
- हे परम शक्ति के महा शक्तेश्वर, पूर्ण जगत के संचालनकर्ता, सर्व जगत के पालनहार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो।
- परम भाव की परम शक्ति के परम दृष्टा, परम ज्ञान के महा ज्ञानी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमल का चरणीय वंदन जीवन का एकमात्र आधार हो।
- हे परम ज्योति के परम ज्योतेश्वर, परम आनंद के मूल आधार, सर्व शक्ति के पूर्ण संपन्न दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी कृपा दृष्टो सदा सदा ही प्राप्त होती रहे।
- हे परम भाव की भक्ति अवस्था को प्राप्त कराने वाले, परम दृष्टि के परम दृष्टा, परम दृष्टि के परम दृष्टावान हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का पूर्ण आनंद की जीवन का परम आश्रय हो।
- हे परम दिव्य शक्ति के महाशक्ति योग के दृष्टा, सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले, सर्व दृष्टि के पूर्ण अनुभव को कराने वाले, सर्वात्म भाव के अंतरात्मा हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का आनंद सतत प्राप्त होता रहे।
- हे परम ज्योति के महापुंज, परम शक्ति के परम योग के परम दृष्टा, परम शक्ति के परम दर्शन, जीवन का मूल आधार है जिनसे वो श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की अनन्य भक्ति का आंतरिक पिपासा हूँ।
- हे पूर्ण आनंद के दिव्य स्वरुप, परम भक्ति के आनंद दाता, सर्व जगत के पालनकर्ता श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का गुणगान नित्य निरंतर जीह्वा पर होता रहे।
- हे परम आनंद के दिव्य स्वरुप, परम शक्ति के आंतरिक योग के परम दृष्टा, परम ध्यान के आंतरिक ध्यानी, सर्व भाव की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों का चरणाश्रित आश्रय ही जीवन का आधार हो।
- हे परम दिव्य ज्योति के परम आधार, परम शक्ति के परम आश्रय को देने वाले दाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय आनंद का रसपान जीह्वा का स्वादित आनंद नित्य निरंतर पाता रहूँ।
- हे सर्व भाव के सर्व निष्ठ योगी, सर्व आनंद के अंतरंग स्त्रोत, तुम्हारी परम दिव्य शक्ति का आधार हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी पूर्ण पूर्ण आधार हो।
- हे परम दिव्य शक्ति के सर्व शक्तिमान, दिव्य आनंद के पूर्ण दाता, सर्व ध्यान के परम विधाता, सर्व ज्योति का पूर्ण साक्षातकार है जिसका हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणीय वंदन का परम आतुर हूँ।
- हे दिव्य शक्ति के परम योग दृष्टा, परम ज्ञान के आंतरिक भाव को जगाने वाले श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी यश कीर्ति का गुणगान चहूँ दिशाओं में फैलता रहे।
- हे दिव्य आनंद के परम आनंद दाता, बल बुद्धि के भाग्य विधाता, सर्व ज्ञान के पूर्ण अवतारी, ज्ञान ध्यान की अंतरंग आत्मा के आंतरिक योग को जगाने वाले हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सर्व मंगल कल्याण की भावना को जागृत करें।
- हे सर्व दृष्टि के दृष्टिमान, सर्व शक्ति के शक्तिमान, पूर्ण भाव की दृष्टि के पूर्ण ज्ञाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी परम दिव्य भाव की परम दिव्य दृष्टि को प्रदान करो।
- हे दया के परम अवतारी, करुणा सागर के करुणाकारी तुम्हारे चरणकमलों की अनन्य भक्ति हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ।
- हे परम भाव के परम दयालु, भक्ति भाव की परम भावुक आंतरिक भावना को जगाने वाले, परम सिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए महा परम योगी हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही महिमा का गुणगान नित्य निरंतर करता रहूँ।
- सर्व आनंद के दिव्य दाता, आंतरिक भाव के परम विधाता, अंतरंग शक्ति के परम भाव को जागृत करने वाले विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों के आश्रय से जीवन का परम आश्रय प्राप्त हो।
- हे परम भाव की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले, योग दर्शन के महा सिद्ध योगी तुम्हारी योग की सिद्ध अवस्था हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी पूर्ण जगत में प्रख्यात हो।
- सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को आंतरिक अवस्था में प्राप्त कराने वाले, सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति के प्राणाधार, आनंद ध्यान के पूर्ण विधाता हे श्री कृष्ण जी के सर्वप्रिय सखा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणीय आनंद के चरणीय रस का पान नित्य निरंतर करता रहूँ।
३०-मई -२०१६
१) हे परम प्रिय परम आनंद के मूल स्त्रोत जगजीवन के परम आधार परम दृष्टि के परम शक्ति दायक श्री देवराहा बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों को नित्य नित्य वंदन शत शत प्रणाम करता हूं
२ ) हे परम आनंद के महा परम योगी परम शक्ति के महा शक्तिमान जगत के परम आधार श्री देवराहा बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का निश्वास सर वंदन करता हूं
३) हे परम शक्ति के महा शक्तेश्वर पूर्ण जगत के संचालनकर्ता सर्व जगत के पालनहार हे श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो
४) परम भाव की परम शक्ति के परम दृष्टा परम ज्ञान के महाज्ञानी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल का चरणीय वंदन जीवन का एकमात्र आधार है
५)हे परम ज्योति के परम ज्योतिश्वर परम आनंद के मूलाधार सर्व शक्ति के पूर्ण संपन्न दाता श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी कृपा दृष्टि सदा सदा ही प्राप्त होती रहे
६) हे परम भाव के भावित अवस्था को प्राप्त कराने वाले परम दृष्टि के परम दृष्टवान श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरण आश्रित भाव का पूर्ण आनंद जीवन का ही परम आश्रय हो
७) हे परम दिव्य शक्ति के महा शक्ति योग के दृष्टा सर्व आनंद की अनुभूति प्रदान करने वाले सर्व दृष्टि के पूर्ण अनुभव को कराने वाले सर्वप्रिय के अंतरात्मा श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की चरणों का आनंद सतत प्राप्त होता रहे
८) हे परम ज्योति के महा पुत्र परम शक्ति के परम योग के परम दृष्टा परम शक्ति के परम दर्शन ही जीवन का मूल आधार है जिससे हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति का आंतरिक पियासा हो
९) हे पूर्ण आनंद के दिव्य स्वरूप परम भक्ति के आनंददाता सर्व जगत के पालनकर्ता श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का गुणगान नित्य निरंतर जिव्या पर होता रहे
१० परम आनंद के दिव्य स्वरूप परम शक्ति के आंतरिक योग के परम दृष्टा परम ध्यान के आंतरिक ध्यानी सर्वभाव की दृष्टि को प्रदान करने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों के चरण आश्रित आश्रय ही जीवन का आधार हो
११) हे परम दिव्य ज्योति के परम आधार परम शक्ति के परम आश्रम को देने वाले दाता हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद का रसपान जिह्वा का स्वादित आनंद नित्य निरंतर पाता रहूँ
१२) हे सर्व भाव के सर्वनिष्ठ योगी सर्व आनंद के अंतरंग स्त्रोत तुम्हारी परम दिव्या शक्ति के आधार हे श्री देवराहा हंस बाबाजी पूर्ण पूर्ण आधार हो
१३)हे परम दिव्या शक्ति के सर्व शक्तिमान दिव्या आनंद के पूर्ण डाटा सर्व ध्यान के परम विधाता सर्वज्योति के पूर्ण साक्षात्कारकर्ता हे श्री देवराहा हंस बाबाजी के चरणीय वंदन का परम आतुर रहूँ
१४) हे दिव्य शक्ति के परम योग दृष्टा परम ज्ञान के आतंरिक भाव को जगाने वाले श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारी यशकीर्ति का गुणगान चहुँ दिशायों में फैलता रहे
१५) हे दिव्य आनंद के परम आनंद दाता बल बुद्धि के भाग्य विधाता सर्व ज्ञान के पूर्ण अवतारी ज्ञानी ध्यानी की अंतरंग आत्मा का आतंरिक योग को जगाने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी सर्व मंगल कल्याण की भावना को जाग्रत करो
१६) हे सर्व दृष्टि के दृष्टिमान सर्व शक्ति के शक्तिमान पूर्ण भाव की दृष्टि के पूर्ण ज्ञाता हे श्री देवरहा हंस बाबाजी परम दिव्य भाव की परम दिव्य दृष्टि को प्रदान करो
१७) हे दया के परम अवतारी करुणा सागर के करुणाकारी तुम्हरे चरण कमलों की अनन्य भक्ति हे श्री देवराहा हंस बाबाजी सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ
१८) हे परम भाव के परम दयालु भक्ति भाव के परम भावुक को आतंरिक भावना को जगाने वाले परम सिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए महा परम योगी हे श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारी महिमा का गुड़गान नित्य निरंतर करता रहूँ
१९) सर्व आनंद के दिव्या दाता आतंरिक भाव के परम विधाता अंतरंग शक्ति के परम भाव को जाग्रत करने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारे चरणों के आश्रय से जीवन का परम आश्रय प्राप्त हो
२०) हे परमभाव की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले योग दर्शन के महा सिद्ध योगी तुम्हारी योग की सिद्ध अवस्था हे श्री देवराहा हंस बाबाजी पूर्ण जगत में प्रख्यात हो
२१) सर्वानंद के दिव्य अनुभूति को आंतरिक अवस्था में प्राप्त कराने वाले सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति के प्राणाधार आनंद ध्यान के पूर्ण विधाता श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद का चरणीय रस का पान नित्य निरंतर करता रहूं
२२) हे सर्व योग की शक्ति के महा शक्तिमान महायोगी महा योगदर्शन के महा दृष्टा योग की महाशक्ति के परम दृष्टि को प्रदान करने वाले हे महायोगी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा गुणों का यशगान संपूर्ण भूमंडल में फैलता रहे
२३) हे दिव्य आनंद के परम आधार सर्व शक्ति के शक्तिमय अवस्था को प्राप्त कराने वाले परम शक्तिमान श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरण कमलों के चरणीय आनंद का अनन्य पिपासित हूं. दया करो दया करो दया करो
२४) हे सर्व जगत के परम आधार सर्व विज्ञान के पूर्ण ज्ञानवान आंतरिक शक्ति के परम स्वरुप श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आश्रय जीवन का परम आश्रय हो
२५) हे परम पावन परम आनंददायक महा योगेश्वर श्री कृष्ण के गुणगान को गाने वाले श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम ही तो श्रीकृष्ण के आंतरिक भाव के दाता हो
२६) हे सर्व योग के परम योगी परम ज्ञान के परम ज्ञानी योग ध्यान के परम शक्ति दाता जय श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय वंदन जीवन का परम आधार है
२७) हे योग शक्ति के परम दृष्टा सर्व दृष्टि के परम ज्योति के साक्षात्कार तुम्हारी यशगान और महिमा सदा सदा प्राप्त होती रहे
२८) हे सर्वानंद के परम ज्ञानी पूर्ण भाव के सर्व दृष्टा भाव भक्ति के प्रेम विधाता महायोग शक्ति के अंतर ज्ञानी आनंदप्रिय ज्ञान के पूर्ण ज्ञाता सर्व शक्ति के आनंद के परम स्वरुप श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में नित्य निरंतर परम दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त करो
२९) हे सर्व भाव की व्यवस्था को प्राप्त कराने वाले जीवन की परम दिव्य ज्योति को जगाने वाले जीवन के परम आधार परम ज्योति के महा पुंज धर्मावतारी श्री देवराहा हंस बाबा जी धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो
३०) हे अमृत रस की रसानुभूति को प्राप्त कराने वाले प्रेम की प्रेमामृत अवस्था के प्रेम योग की पूर्ण अवस्था को प्राप्त पूर्ण भाव के पूर्ण अवस्था को प्राप्त कराने वाले है श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की वंदना तुम्हारे नाम की महिमा नित्य निरंतर गाता रहूं
31) हे परम दिव्य शक्ति के परम आधार परम भाव के आंतरिक भावनाओं को जगाने वाले अंतरंग अवस्था के अंतरिक ज्ञाता आंतरिक अवस्था के आंतरिक अनुभवी से तुम्हारी सदा ही जय हो जय हो जय हो
३२)हे परम शक्ति के पूर्ण शक्तिमान परम ध्यान के महा ध्यान योग की महाशक्ति का आधार है जिसका वही तो श्री देवराहा हंस बाबा जी भक्तजनों के जीवन के प्राण आधार हैं
३३) हे परम ज्ञान के आंतरिक दृष्टा परम ज्योति के ज्योतिश्वर ज्ञान के परम ज्ञानेश्वर ध्यान के परम ध्यानेश्वर भाव और भक्ति के परम विधाता तुम्हारी सदा सदा ही जय हो
३४) हे सर्व शक्ति पूर्ण भक्ति सर्वानंद पूर्ण दर्शन के अंतरंग ज्ञाता तुम ही जीवन के एक मात्र पूर्ण आधार हो हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी परम भक्ति परम शक्ति परम ज्ञान का आश्रय ही जीवन का परम आश्रय हो
३५) परम शक्तिमान है श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी महाशक्ति का प्रकाश संपूर्ण भूमंडल में प्रकाशित हो जो सनातन धर्म और भक्तजनों के जीवन का एकमात्र और एक ही आधार हो
३९ ) हे सर्व दिव्य दृष्टि के अंतरंग दृष्टा अंतरंग योग दृष्टि के आंतरिक दृष्टि के दिव्य दृष्टा हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का यश गान संपूर्ण भूमंडल में विस्तृत हो
४०)हे परम योग शक्ति के परम आधार परम ज्ञान की परम अवस्था के परम ज्ञानी हे श्री देवराहा हंस बाबा जी संपूर्ण भूमंडल में तुम्हारे यश गान का यश निशदिन गाता चलूँ
४१) हे श्री परम तपस्वी परम त्यागी परम ध्यान के परम दृष्टा परम शक्ति के महा शक्तिमान संपूर्ण भूमंडल में तुम्हारी ही यश गान की कीर्ति गाय जाएगी ये श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम
४२)जीवन का परम आधार परम शक्ति का पूर्ण आधार सर्व ज्ञान की सर्व ज्योति को जगाने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों का यश गान संपूर्ण भूमंडल में आच्छादित हो
४३) हे शरणागत के रक्षक सर्व संकट हरण करता सर्व विघ्नों को नाश करने वाले मंगलकारी कल्याणकारी हैं श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा जय हो जय हो जय हो
४४) परम शक्ति के महा पुंज भक्ति सागर के प्रेम की अनुभूति को प्राप्त कर आने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति अनन्य श्रद्धा और प्रेम का पूर्ण विश्वास हर पल हर क्षण प्राप्त होता रहे
४५)हे भक्ति भाव के पूर्ण भावेश्वर भक्तों के चरणाश्रित आश्रय को देने वाले श्री देवराहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
४६) हे परम ध्यान के अंतर ध्यानी परम ज्ञान के अंतर ज्ञानी परम योग के महायोगी भक्ति भाव के जागृत दाता तुम्हारे चरण कमलों की चरणीय आराधना का आधार ही जीवन का एकमात्र आधार हो
४७) हे परम प्रिय ज्ञान के महा ज्ञानी परम प्रिय ध्यान के पूर्ण ध्यानी अंतर जगत के अंतर्यामी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम ही तो शरणागत की रक्षा करने वाले हो . रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो.
४८)सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले सर्व ज्ञान की दिव्य अनुभूति को देने वाले सर्व ज्ञान के आंतरिक भाव को जगाने वाले हे परम प्रिय श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की वंदना नाम की महिमा का यश गान जो है चहुँ दिशा में मंगलकारी हो
४९) हे योग दर्शन के महा योगेश्वर महाशक्ति के shaktimaan सर्व ज्ञान के पूर्ण संपूर्ण ज्ञाता श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरण कमलों में बार-बार बलिहारी जाता हूं
५०) हे परम ज्योति के ज्योतिकार परम आनंद के महा आनंद के स्वरुप श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम ही तो धर्म के आधार हो अतः सनातन धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो .
५१) हे सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के पूर्ण अवस्था को प्राप्त किए हुए परम सिद्ध योगी योग दर्शन के महायोग दृष्टा आध्यात्मिक शक्ति के उदगम स्थल के मूल स्त्रोत आधार श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय वंदन जीवन के परम आश्रय का परम आधार हो
५२) हे परम पावन परमदृष्टि के परम दृष्टा परम योग के महायोगी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का अनन्य भक्ति का अनन्य आश्रय प्राप्त होता रहे
५३) हे ज्ञान ध्यान के परम तपस्वी परम योग की परम वृष्टि को पूर्ण अवस्था को प्राप्त कर आने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी चरण कमलों में कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं
५४) परम दिव्य ज्ञान की परम दिव्य दृष्टि के परम योग के परा ज्ञान का परा शक्ति परा भक्ति के आंतरिक योग का पूर्ण अवस्था की अंतरंग शक्ति को हे श्री देवराहा हंस बाबा जी प्राप्त करूं
५५) सर्वानंद की दिव्य अनुभूति की परम अवस्था को प्राप्त किए हुए परम आनंद की दिव्य दृष्टि के दिव्य ज्ञान को प्राप्त किए हुए परम योग की परम दृष्टि के परम शक्ति के पूर्ण आधार हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति जीवन का परम आधार हो
५६) परम भाव के आंतरिक शक्ति के प्रदाता पूर्ण भाव की अंतरंग शक्ति के ज्ञाता विज्ञान की अंतरंग शक्ति को प्रदान करने वाले परम दयालु हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की चरणाश्रित भाव की लालसा हर पल हर क्षण बनी रहे
५७) हे जीवन के परम आनंद परम ध्यान के परम ज्ञानी परम ज्ञान के परम ज्ञानी परम त्याग के परम त्यागी सत्य सनातन धर्म के धर्मावतारी हे श्री देवराहा हंस बाबा जी धर्म की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
५८) हे अंतरंग शक्ति के आंतरिक योग के परम दृष्टा परम शक्ति के परम ज्ञान के पूर्ण अवस्था को प्राप्त किए हुए सर्व सिद्ध योग के परम सिद्ध योगी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का अभिवंदन जीवन के परम आधार का पूर्ण आश्रय हो
५९)हे परम करुणा निधान दया सागर के परम दयालु कारुण्य की करुण पुकार को सुनने वाले परम करुणा सागर सर्वानंद दिव्य आनंद पूर्ण आनंद की परम अवस्था को प्राप्त किए हुए महा परम योगी श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद चरणीय वंदन चरणीय प्रीत नित्य निरंतर प्राप्त होती रहे
६०) हे भावानंद नित्यानंद परमानंद ज्ञानानंद करुणानंद दयानंद के अवतारी परम महा योगेश्वर हे करुणानिधान श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम ही तो जीवन के प्राण दाता हो रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
६१) हे जीवन के परम सुखदाता परम आनंद के आनंददाता परम भक्ति के परम आश्रय श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य प्रीती सदा सदा ही बनी रहे
६२) हे परम पुरुषोत्तम परम स्वरुप पूर्ण जगत के पूर्णाधार प्रेम भाव की भक्ति के पूर्ण विधाता हे श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारे चरण कमलों में चरणाश्रित आनंद जीवन का परम आधार हो
६३) हे परम शक्ति के परम योग के परम दृष्टा परम ज्ञानी पूर्ण आनंद के आनंद दाता ज्ञान ध्यान के पूर्ण विधाता हे श्री देवराहा हंस बाबा जी कृपा करो कृपा करो कृपा करो
६४) हे श्री परम ध्यान के महाधयानी महात्याग है जीवन में जिसका वह करुणा के सागर परम दयालु जीवन के प्राणदाता श्री देवराहा हंस बाबा जी चरण कमलों का गुणगान नित्य निरंतर जिहवा पर करता रहूँ
६५) हे परम ज्ञान के महा ज्ञानी महा योग के महा सिद्ध योगी योग की महिमा के परम योग के स्वरुप योग शक्ति के आतंरिक अवस्था को प्राप्त किये हुए परम योगानंद के महास्वरूप हे श्री देवराहा हंस बाबाजी तुम्हारे चरण कमलों का चरणाश्रित भाव का गुड़गान नित्य निरंतर जिह्नवा पर करता रहूँ
६६)हे ध्यान ज्ञान के परम माह ज्ञानी महा ध्यानी धर्म के रक्षक हे श्री देवराहा हंस बाबा जी धर्म की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
६७) प्रेम भाव का महा शक्ति का महायोग दर्शन का महाशक्ति के आतंरिक योग की पूर्ण अवस्था के महा सिद्ध योगी योग की अंतरंग अवस्था के पूर्ण अवस्था को प्राप्त करने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुहारी सदा सदा ही जय हो
६८) अंतरंग शक्ति अंतरंग योग की दृष्टि के परम दृष्टा परम ज्ञान है जिसका ऐसे श्री देवराहा हंस बाबा जी जीवन के परम आधार हैं, जीवन के परम आधार हैं,जीवन के परम आधार हैं
६९) हे महाशक्ति के महायोग दृष्टा महाशक्ति के महायोग की पूर्ण अवस्था को प्राप्त किये हुए महायोगेश्वर महाशक्ति के महायोग की आतंरिक अनुभूति को हे श्री देवराहा हंस बाबा जी प्राप्त कराओ तुम्हारी शरण में हूँ , तुम्हारी शरण में हूँ , तुम्हारी शरण में हूँ.
७०) हे समस्त ज्ञान के महा धुरंधर योग मार्ग के परम सम्राट परम सिद्ध अवस्था को प्राप्त किये हुए हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल का नित्य निरंतर वंदन करता रहूँ करता रहूँ करता रहूँ
७१) हे महाशक्ति के महा योगदृष्टा हे महाशक्ति के महातेज के महापुंज तुम्हारी ही परम कृपा से आतंरिक शक्ति के महापुंज का प्रकाश श्री देवराहा हंस बाबा जी ज्ञान का प्रकाश प्रकाशमान हो प्रकाशमान हो प्रकाशमान हो.
७२)हे परम आननद के आनंद स्वरुप प्रेम की महा विहल अवस्था को प्राप्त कराने वाले प्रेम के स्वरुप परमानंदित भाव की प्रेम की अवस्था को हे श्री देवराहा हंस बाबा जी प्राप्त करा दो प्राप्त करा दो प्राप्त करा दो
७३) हे सर्व योग के सर्व दर्शन के सर्व दृष्टा परम भाव के परम भावनाओं को जगाने वाले भक्ति दर्शन के आनंद के स्वरुप प्रेम का महा दर्शन है जिनका हे श्री देवराहा हंस बाबा जी रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
७४) पूर्ण भाव की सर्वोच्च भावना को जगाने वाले भक्ति दर्शन की प्रेमावस्था को प्राप्त कराने वाले प्रेम दर्शन के प्रेमावतारी हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का नित्य नित्य गुणगान करता रहूँ करता रहूँ करता रहूँ
७५) हे सर्व आनंद के परम स्वरुप प्रेमाभक्ति के प्रेमानंद स्वरुप हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों के चरणाश्रित भाव की पूर्ण अवस्था को नित्य निरंतर प्राप्त करता रहूँ प्राप्त करता रहूँ
७६) हे जीवन के परम आश्रयदाता महाशक्ति के महापुंज प्रेम की भावना को जगाने वाले प्रेमानंद के स्वरुप हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा नित्य निरंतर चहुँ दिशा में कीर्तिमान हो
७७) हे जीवन के प्राणाधार परम शक्ति परम भक्ति के परम भाव को जगाने वाले हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारी कृपा का पूर्ण आकांशी हूँ. कृपा करो कृपा करो कृपा करो
७८) हे महायोग के योगवतारी धर्म धुरंधर धर्म की रक्षा के रक्षकधारी हे श्री देवराहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही शक्ति के महायोग के प्रताप से धर्म की रक्षा हो रक्षा हो रक्षा हो
७९) हे परम ज्ञान के परम ज्ञानी परम शक्ति के परम आधार परम ज्ञान की परावस्था को प्राप्त किये हुए पराभक्ति के परानंद को प्रदान करने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति के अनन्य आश्रय के आश्रित हूँ। दया करो दया करो दया करो
८०) हे परम कृपा के परम कृपालु परम ज्ञान के परम ज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
८१) हे भाव भक्ति प्रेम दर्शन जीवन का आधार हो क्षड़ क्षड़ पल पल जीवन में शक्ति का संचार हो ऐसे परम त्यागी ज्ञानी ध्यानी जीवन के परम रक्षक हैं
८२) हे जीवन के आतंरिक शक्ति को संचार करने वाले परम योगेश्वर हे श्री देवरहा बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की नित्य निरंतर वंदना करना आधार हो. रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
८३) हे आनंद ज्ञान के परम विधाता प्रेम भावना को जगाने वाले परम जागृत दाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी शरण में हूँ. रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
८४) हे सर्वानंद की प्रेमानुभूति को प्राप्त कराने परमानन्द के स्वरुप की प्रेम भक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी चरण कमलों का निश्वासर गुड़गान करूँ. रक्षा करो. रक्षा करो। रक्षा करो
८५) हे ज्ञान ध्यान के परम तपस्वी ज्ञान योग के महाज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का यशगान तुम्हारे चरणकमलों की चरणाश्रित भाव की पूर्ण अवस्था को प्राप्त करता रहूँ प्राप्त करता रहूँ
८६) हे मेरे परम शक्ति के महास्वरूप महाभाव के भावानंद सर्व ध्यान के ध्यानानंद सर्व शक्ति के पूर्ण शक्तिमान श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्ही जीवन के परम आश्रय दाता हो दया करो दया करो
८७) हे अनन्य भाव की अनन्यता की अनन्य भक्ति को प्रदान करने वाले कृष्ण की प्रेम भक्ति के अनन्य स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबाजी तुम्हारे चरण कमलों का दर्शन ही परम आनंद का स्वरुप है
८८) हे महायोग के महायोगी महाज्ञान के महाज्ञानी महा शक्ति के महा शक्तिमान श्री देवरहा हंस बाबा जी चरणकमलों का चरणीय आनंद सदा सदा ही प्राप्त कराते रहो कराते रहो कराते रहो
८९) हे परम दीनदयाल करुनानिधान भक्तवत्सल श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करते रहो करते रहो करते रहो
९०) हे परम ध्यान के महाधयानी महाशक्ति के पूर्ण शक्तिदाता तुम्हारे चनकमलों के चरणाश्रित भाव की हे श्री देवरहा हंस बाबा जी प्राप्त होती रहे होती रहे होती रहे
९१) हे महाभाव के भावानंद चरण ध्यान के ध्यानानंद प्रेम भाव के प्रेमानंद श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्ही तो जीवन के परम आश्रय हो तुम्हरी परम कृपा का परम आश्रय सदा सदा ही प्राप्त होता रहे
९२) हे भाव भक्ति के चरम लक्ष्य को प्राप्त कराने वाले परम योग ध्यान के परम धुरंधर भक्ति भाव के परम दिव्य अवस्था कराने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबाजी सदा सदा ही तुम्हरी शरण में हूँ तुम्हरी शरण में हूँ तुम्हरी शरण में हूँ रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
९३) आनंद प्रिय ध्यान है जिनका सर्व योग के पूर्ण दृष्टा हैं जो अंतर्ध्यान के अंतर्ज्ञानी है जो वह श्री देवरहा हंस बाबा जी जीवन के परम आधार हैं जीवन के परम आधार हैं जीवन के परम आधार हैं
९४) हे सर्व ज्ञान के पूर्ण ज्ञाता प्रेम भाव के भक्ति भाव में स्थित करने वाले महाआनंद के स्वरुप देवरहा हंस बाबाजी
तुम्हारे चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद सदा सदा ही प्राप्त होता रहे होता रहे होता रहे .
९५) हे परम ध्यान के महाधयानी योग मार्ग के महायोगी चरणानाद की परम अनुभूति को प्रदान करने वाले आनंद के महास्वरूप योग के महावतारी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों के चरणाश्रित भाव का पूर्ण आकांक्षी हूँ आकांक्षी हूँ आकांक्षी हूँ .
९६) हे सर्व ध्यान के परम अवस्था को प्राप्त कराने वाले ध्यानानंद की पूर्ण अवस्था में अवस्थित कराने वाले परम महा आनंद के स्वरुप महायोग के योगवतारी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी कल्याण और मंगलमयी वाणी जीवन का ही सहज मोक्ष का उपाय है. अतः दया करो दया करो दया करो
९७) हे महाशक्ति के महापुंज महायोग के परम महायोगी महाशक्ति के महा आधार के आधारित अवस्था को प्राप्त करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हार चरण कमलों का चरणीय वंदन नित्य नित्य शाट शाट बार बार करता रहूँ
९८) हे परम भाव के भवेश्वर शरणगत के रक्षेश्वर तुम्हारी कृपा का गुड़गान जीवन का परम आधार हो जीवन का परम आधार हो परम आधार हो परम आधार हो
९९)हे प्रेमाभक्ति के प्रेमानंद स्वरुप आनंद सागर के आनंद दाता पूर्ण प्रेम के भाव विधाता शरणागत के रक्षकहार हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणगत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
१००) महायोग दर्शन है जिसका हे महात्यागी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरण कमलों की शक्ति भक्ति का गुड़गान सर्व भूमंडल में गुंजार हो
१०१) चरणानाद के हरणाश्रित भाव की भावना को जाग्रत करने वाली परम दिव्या वाणी का नित्य नियमित पाठ करो
३१ मई २०१६
१) हे सर्व योग के परमेश्वर सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को देने वाले परम ज्योति के सर्व स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी
तुम्हारे चरण कमलों के चरणाश्रित भाव का दिव्य आनंद प्रेम कीप्रेमावस्था का पूर्ण आनंद है अतः हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हरे चरण कमलों के चरणीय अवस्था का चरणीय आनंद सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ
२)हे सर्व योग के महायोगेश्वर सर्व ध्यान के महा ध्यानेश्वर अंतरंग शक्ति के पूर्ण दृष्टा सर्व भाव के दिव्या आनंद को प्राप्त कराने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों के चरणीय आनंद का अभिलाषी हूँ
३) हे चरणानंद के दिव्य शक्ति के महापुंज परम ज्ञान के महाज्ञानी आतंरिक शक्ति के पूर्ण स्त्रोताधार महाशक्ति के महा दाता सर्व ज्ञान की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले परम विधाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का चरणाश्रित भाव सदा प्राप्त करता रहूँ
४) हे परम ध्यान के महा ध्यानी परम शक्ति के परम स्वरुप ज्ञान की आतंरिक अवस्था के अंतरंग ज्ञानी प्रेम की दिव्य शक्ति के प्रेमानंदित दाता सर्व भाव की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले परमानन्द के स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चनकमलों का बार बार वंदन करता हूँ
५) हे सर्व ज्ञान के दिव्य दृष्टा हे परम ध्यान के परम योगी महाशक्ति के महा अवतार श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का गुड़गान जिह्नवा का मूल रसपान हो
६) हे सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति को प्रदान करने वाले परम योग के परम दृष्टा आतंरिक शक्ति के अंतरंग आधार हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद जीवन का परम आश्रय हो ७)
७) हे आनंद ज्ञान की दिव्य ज्योति के महापुंज सर्वशक्ति के पूर्ण आधार आतंरिक भावना भावना की की भक्ति अवस्था को पूर्ण प्राप्त कराने वाले हे श्री देवरहा बाबा जी तुम्हारे तुम्हारे चरण कमल का वंदन वंदन जीवन का परम आधार हो
८) हे सर्व शक्ति के महा शक्तिमान प्रेमा भक्ति के प्रेमानंद स्वरुप तुम्हारे ही चरणकमलों की अनन्य भक्ति की अनन्यता का अनन्य आश्रय सदा सदा ही प्राप्त होता रहे
९) हे भक्ति योग दर्शन के प्रेमास्पद स्वरुप प्रेम की आतंरिक तन्मयता को तंमययुक्त अवस्था को प्राप्त कराने वाले भाव भक्ति प्रेम की पूर्ण पराकाष्ठा के पारंगत श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणकमलों की चरणीय वंदना अनन्य भाव अनन्य प्रेम भक्ति आश्रय का अभिलाषी रहूँ .
१०) हे पूर्ण भाव के भावेश्वर ज्ञान योग के ज्ञानेश्वर भावानंद के पूर्ण अवतारी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का वंदन ही जीवन का वंदनीय हो
११) हे सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के परम तत्ववेत्ता तत्त्व दर्शन की तत्त्व दृष्टि के तत्त्व वेत्ता आतंरिक शक्ति के पूर्ण स्त्रोत दाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद ही जीवन के परम वंदनीय भाव का पूर्ण आधार हो
१२) हे सर्व ज्ञान दिव्य ज्ञान की आतंरिक भाव को जगाने वाले परम भक्ति के पराधार पराशक्ति के अंतरंग स्वरुप के शक्तिदाता तुम्हारे श्री चरण कमलों का चरणीय आश्रय सदा सदा ही प्राप्त होता रहे
१३) हे जगजीवन के जीवनदाता प्रेम भाव के पूर्ण विधाता सर्व शक्ति के शक्ति दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों की यश कीर्ति का गुणगान चहुँ दिशा में फैलता रहे
१४) हे सर्वोत्तम भाव की दिव्य दृष्टि के पूर्ण अनुभवी भाव भक्ति के प्रेमानंदित भाव के प्रेम स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल की वंदना जीवन की ही मूल अर्चना हो
१५) हे आनंद ध्यान के परम ध्यानी परम भाव के भावानंद प्रेम की आतंरिक भावना के भावुक दृष्टा श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति की अनन्यता का अनन्य आश्रय सदा सदा ही प्राप्त करता रहूँ
१६) हे अतुल शक्ति के महा पराक्रमी आतंरिक भावना के भवेश्वर प्रेम की भावनाओं के भाविक दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हरे चरण कमलों का चरणीय आश्रय जीवन का परम आश्रय हो
१७) हे परम भाव परम शक्ति के परम स्वरुप आतंरिक ज्योति के महा ज्योतेश्वर तुम्हारे चरण कमलों में बार बार बलिहारी जाता हूं
१८) हे सर्वानंद दिव्यानंद पूर्णानंद ज्ञानानंद ध्यानानंद के पूर्ण अवतारी तुम्हारे ही चरणकमलों के चरणाश्रित भाव के पूर्ण अभिलाषी हूँ
१९) हे परम योग दृष्टि के योग वेत्ता तत्त्व दर्शन दृष्टि के तत्ववेत्ता तत्त्व ज्ञान की पूर्ण दृष्टि को प्रदान करने वाले तत्त्व दर्शी तुम्हरे चरण कमलो का चरणीय वंदन जीवन का पूर्ण अभिनन्दन हो
२०) हे योग के परम दृष्टा परम महा योग शक्ति के महा तेजस्वान हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हरे चरण कमलों का चरणीय आश्रय जीवन का परम आश्रय हो
२१) हे सर्व योग की दिव्य दृष्टि के योग दर्शन के परम आधार परम शक्ति के महा तेजपुंज आनंद की दिव्य आनंदनीय अवस्था के पूर्ण भाव को पैदा करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हरे श्री चरण कमलो का गुणगान नित्य निरन्तर जिह्नवा पर होता रहे.
२२) हे महा योग शक्ति के महा योग दृष्टा महा ज्ञान के महा ज्ञानेश्वर ध्यान की आंतरिक शक्ति
के पूर्ण योग के दृष्टा परम योग के परम तपस्वी परम ध्यान के परम ध्यानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरण कमलों के चरणाश्रित होना जीवन का परम आश्रय हो
२३) हे सर्व ध्यान प्रेम दर्शन भक्ति दर्शन ज्ञान दर्शन के आतंरिक योग शक्ति का पूर्ण भाव अंतःकरण में प्रकट करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का गुड़गान जीवन का परम आधार हो
२४) हे सर्व योग की परम दृष्टि के परम दृष्टा सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के आतंरिक दृष्ट प्रेमाभक्ति के प्रेमान्दित भाव को पूर्ण जागृत करने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चनकमलों का चरणीय वंदन जीवन का पूर्ण आनंद हो
२५) हे परम शक्ति के परम आश्रयदाता पर ज्ञान के पूर्ण विधाता आतंरिक शक्ति के योग के पूर्ण दृष्टा श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरण कमलों में चरणाश्रित हूँ चरणाश्रित हूँ चरणश्रित हूँ
२६) हे सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के पूर्ण आधार सर्व शक्ति के पूर्ण शक्ति मान पूर्ण ध्यान के ध्यानेश्वर आतंरिक योग की शक्ति का पूर्ण दर्शन है जिसका वही श्री देवरहा हंस बाबा जी जीवन के आधार हैं
२७) हे अंतरंग भावना की दिव्य शक्ति के मूल स्त्रोत आतंरिक शक्ति के अंतरंग योगके माह दृष्ट हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा अपरंपार है जिसका सदा सदा ही गुड़गान करूँ
२८) हे सर्व शक्ति माह शक्ति के अंतरंग ज्योतिर्मान अंतरंग शक्तिमान अंतरंग शक्ति के आतंरिक ज्योति के जो शक्तिमान हैं
वही श्री देवरहा हंस बाबा जी मेरे जीवन के परम आधार हैं . सदा सदा ही जय जयकार हो जय जयकार हो जय जयकार हो
२९) परम दिव्य शक्ति के आतंरिक योग के महा दृष्टा सर्व शक्ति पूर्ण शक्ति महा शक्ति के महा तेज पुंज तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद का पूर्ण अभिलाषी हूँ हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही शरण में पूर्ण शरणागति प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ . रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
३०) हे दिव्य शक्ति के परम शक्तिमान सर्व आनंद की दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा सर्व आनंद की दिव्य अनुभूति के आनंद के स्वरुप हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी यशकीर्ति का गुड़गान संपूर्ण भूमंडल में गुंजित हो
३१) हे अंतरंग योग की दिव्य दृष्टि के महा दृष्टा अंतरंग शक्ति के पूर्ण शक्तिमान धर्म धुरंधर आतंरिक प्रणेता श्री देवरहा हंस तुम्हारे जीवन की त्याग तपस्या का प्रभाव चहुंदिश में प्रशंसनीय हो
३२) हे महायोग के योग दृष्टा महा तेजस्वी महाभाव के भावानंद के प्रेमानंद भाव की भावना के भक्ति भाव को जागृत कराने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का दर्शन हर पल हर क्षड़ नित्य निरंतर आत्मा में पाता रहूँ पाता रहूँ यही जीवन की परम अभिलाषा है
३३) हे सर्व योग शक्ति के परम तेजस्वी सर्वध्यान के महाध्यानेश्वर तुम्हारे चरण कमलों की चरणीय शक्ति चरणीय भक्ति जीवन के आश्रय का पूर्ण आधार हो
३४) हे भक्ति दर्शन प्रेमदर्शन ज्ञान दर्शन के परम महा ज्ञानी साक्षात प्रेमानंद के परम स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ
३५) अंतरंग योग दर्शन है जिनका महाशक्ति के महास्वरूप हैं जो जिनके कंठ में महाशक्ति महा प्राकट्य है जिसका वह श्री देवरहा हंस बाबा जी मेरी सदा सदा ही रक्षा करें रक्षा करें रक्षा करें
३६) हे परम त्याग के महात्यागी अंतरंग शक्ति के पूर्ण आधार प्रेमाभक्ति के प्रेमानंद स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में अनन्य भाव भक्ति और प्रेम का परम दर्शन हर पल हर क्षड़ करता रहूँ
३७) अंतरंग योग दर्शन है जिनका प्रेमाभक्ति के जो अवतार है वह श्री देवरहा हंस बाबा जी सर्व शक्तिमान महा आनंद के स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी जीवन के परम आधार हैं
३८) हे सर्व भाव सर्व दृष्टि सर्व ज्ञान के ज्ञाता सर्व योग दर्शन के परम विधाता प्रेम भाव भक्ति के पूर्ण शक्ति के महास्वरूप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही नाम की महिमा सदैव जिह्नवा से करता रहूँ। तुम्ही टी ज्ञान के महा प्रकांड ज्ञाता हो तुम्हारी सदा सदा ही जय हो जय हो जय हो
३९) हे सर्व भाव की दिव्य दृष्टशक्ति के परम शक्तिमान अंतरंग योग दर्शन के महा योगी तुम्हारे यशगान की यश कीर्ति की ख्याति सर्व भूमंडल में गूंजती रहे
४०) हे अन्तरंग योग दर्शन के महा शक्ति के महा तेजस्वी अंतरंग शक्ति के आतंरिक योग दर्शन का पूर्ण प्रभाव तुम्हारे नाम की यशकीर्ति संपूर्ण भूमंडल में एक महाशक्ति के रूप में फैलेगी वही है सज्जन प्रेमी भक्तो के जीवन का परम आधार परम शान्ति का पूर्ण आश्रय धन्य हो धन्य हो धन्य हो
४१) हे आतंरिक भाव की सर्व दृष्टि के परम योग के परम दृष्टा दिव्य शक्ति के परम योग के परम ग्यानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा अपरम्पार है सदा सदा ही तुम्हारी जय हो जय हो जय हो
४२) हे आनंद के महास्वरूप महाशक्ति के महाशक्तिमान योग की अंतरंग अवस्था की आतंरिक दृष्टि के पूर्ण दृष्टा सर्व जगत में सर्व शक्ति के पूर्ण दृष्टा सर्व जगत में सर्व शक्ति के पूर्ण संचालनकर्ता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी महिमा का गुड़गान शरणागत के जीवन का परम आधार हो
४३) हे प्रेमानंद के परम स्वरूप आनंद की परम दिव्या लहरों के लहरिया आनंद को प्राप्त कराने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरण कमलों में बार बार बलिहारी जाता हूँ. हो तो तुम्ही जीवन के प्राणाधार तुम्हारी सदा सदा ही जय हो
४४) हे परमानन्द परम स्वरुप परम भाव के भवानंद पर शक्ति के परमज्ञानी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आश्रय जीवन का परम आधार हो तुम्हारी जय हो जय हो जय हो
४५) हे सर्व भाव की सर्व दृष्टि के सर्व योग के परम दाता परम शक्ति के पूर्ण विधाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमल का वंदन है तुम्हारी असीम दया का भिखारी हूँ रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
४६) हे परम पावन माह आनंद के माह स्वरुप ममहाशक्ति के महा तेज पुंज तुम्हारी महिमा तुम्हारे गुडों का गुणगान संपूर्ण भूमंडल में गूंजता रहे सदा सदा तुम्हारी जय हो जय हो जय हो
४७) हे सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि के दिव्य दृष्टा परम भाव परम योप्ग के परम योगी ज्ञान दर्शन के परम ज्ञानी तत्त्व ज्ञान के तत्त्व दर्शा श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही श्री चरण कमलों के चरणीय वंदन में वंदना करती रहूँ. वंदित वंदना करता रहूँ
४८) हे महा शक्ति के तेज पुंज समस्त भूमंडल के आतंरिक शक्ति के संचालनकर्ता परम दिव्य शक्ति के पूर्ण आधार के शक्तिमान धर्म धुरंधर ज्ञान है जिसका वह संपूर्ण भूमंडल के ही हैं संचालनकर्ता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो जय हो
४९ ) हे महाशक्ति के महापुंज ज्ञान योग के परम ज्ञानी महाशक्ति के महा तेजस्वान तुम्हारे तेज की तेजस्वी तेज का सर्व भूमंडल में तेजमय वातावरण का पूर्ण गुंजन हो
५०) हे सर्व भाव के प्रेम के पप्रेमानंद स्वार्ट्यूप प्रेमाभक्ति के दिव्य आनंद आतंरिक भाव के अंतरंग योग के पूर्ण आनंद दाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरण कमल का चरणीय आश्रय जीवन का परम आश्रय हैं रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
५१) सत्य के आधार के सत्यनिष्ठ भावना को जागृत करने वाले तत्वदर्शी तत्त्व ज्ञान के ज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का पूर्ण आश्रय सतत प्राप्त हो
५२) आनंद के परम स्वरिप दिव्य ज्योति के पूर्ण प्रकाशमान दिव्या ध्यान की सर्वोच्च भावना को जागृत करने वाले हे श्री तुम्हारे चरण कमलों में नित्य नित्य वंदनीय हूँ
५३) सत्य ज्ञान के परम दिव्या स्वरुप दिव्य शक्ति को जागृत करने वाले परम शक्ति के पूर्ण शक्ति की अंतरंग अवस्था के दिव्य शक्ति के मूल स्रोतधार तुम्हारे चरणों का सर्व वंदन प्रति क्षड़ वंदनीय हो
५४) आनंद योग का परम आश्रय दाता परम ज्योति के सर्व साक्षात्कार हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में नित्य नित्य कोटि कोटि प्रणाम है
५५) सर्व ध्यान के परम ध्यानी परम शक्ति के मूल स्त्रोत सत्य की दिव्य भावना को पूर्ण संपन्न करने वाले हे दिव्य ज्योति के परम साकार स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों’ के अहर्निश भाव के अनंत दर्शन का पूर्ण लालसी हूँ
५६) सत्य के परम शक्ति के महा पुंज परम ज्ञान के दिव्यधार सर्व दर्शन के पूर्ण दर्शन की दृष्टि को प्रदान करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में बार बार नतमस्तक हूँ
५७) सर्व ज्ञान के परम ज्ञानी योग शक्ति के मूल शक्ति के योग दृष्टा सर्वानंद के परम पावन ध्याता तुम्हारे चरण कमलों का वंदन हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शत शत वंदनीय हो
५८) हे सर्व ज्ञान के दिव्य दृष्टि दिव्य शक्ति के पूर्ण शक्ति धार हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की अनन्य भक्ति की अनन्यता का पूर्ण भाव प्रदान करें
५९) हे महा शक्ति के महा पुंज धर्म की पूर्ण स्थापना की आतंरिक शक्ति के स्थापित दाता तुम्ही तो स्थापन के पूर्णाधार हो. हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का नित्य नित्य चरणीय आनंद प्राप्त करता रहूं
६०) सर्व भाव के परम दिव्या दृष्टि के पूर्ण सर्व शक्तिमान पूर्णानंद की सर्वावस्था को प्राप्त कराने वाले परम तेजस्वी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों का आश्रय जीवन का परम आश्रय है
६१) सर्व योग की परम योग दृष्टा के पूर्ण शक्ति के आतंरिक भावनाओं के मूलाधार सर्व शक्ति की पूर्ण सपन्नता को प्रदान श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों के शरणागत हूँ रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो.
६२) हे परम पावन दिव्य ज्योति के परम मूलाधार सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी चरण कमल की शरण के पूर्ण शरणागत हूँ। रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
६३) सत्य भावनाओं की सुसुप्त अवस्था को जागृत करने वाले परम ज्ञानी , सर्व शक्ति के पूर्णानंद के सत्य ध्यान के परम ध्यानी, योग दर्शन की महा दृष्टि के महादृष्टा श्री देवरहा हंस बाबा जी आतंरिक भाव की पूर्ण भावनाओं को प्राप्त कराओ
६४) सर्व दर्शन पूर्ण दर्शन प्रेम दर्शन महावस्था को प्राप्त किये हुए हे परम शक्ति के महा स्वरुप श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का नित्य नत्य वंदन हो
६५) परम ज्योति के महा ज्योति पुंज सत्य भावनाओं के मूल शक्ति के परम देव ध्यान दृष्टि के परम तपस्वी जीवन की परम आराधना के मूल स्त्रोत , सर्व ध्यान के पूर्ण आनंद दायनी शक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो जय हो
६६) परम ध्यान के अंतर्ध्यान की पूर्ण अदृश्टि के महा दृष्टा योग मार्ग के महा योगी दिव्य शक्ति परम स्त्रोत तुम्हारे चरण कमलों का क्षण क्षण वंदनीय स्तुति श्री देवरहा हंस बाबा जी नित्य नित्य करता रहूं
६७) सर्व ज्ञान के दिव्य दृष्टि के परम ज्ञानी सर्व ज्ञान की परमावस्था के पूर्णावस्था को प्राप्त करने वाले परम तेजस्वी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का नित्यानंद सतत प्राप्त हो
६८) हे दिव्य दृष्टि के परम योग दृष्टा महाशक्ति के प्रकाश के महा पुंज तुम्हारी कृपा का कृपाकांक्षी तुम्हारी शरण में है. हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत हूँ शरणागत हूँ शरणागत हूँ. रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
६९)हे परम दिव्य शक्ति के परमाधार परमानन्द के पूर्ण आनंद दाता सर्व ज्ञान के पूर्ण सम्पन्नता के प्रदान करने वाले महाज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
७०) सर्व शक्ति के महा पुंज पूर्ण ध्यान के ध्यानावस्था के परम ध्यानी महाशक्ति के महायोग दृष्टा श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों में चरणाश्रित हूँ चरणाश्रित हूँ चरणाश्रित हूँ
७१) सर्वानंद की महानंद मय भाव भक्ति के परम आश्रयदाता परम योग सर्व शक्ति के शक्ति दाता आतंरिक भावना की दिव्य शक्ति को हे श्री देवरहा हंस बाबा जी सतत प्राप्त करता रहूं।
७२) हे परम शक्ति के परम शक्तिशाली दिव्य ज्ञान के सर्वभाव के आतंरिक स्त्रोत के दाता तुम्हारे चरणों का एक मूल आश्रय है। .रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
७३) हे परम भावनाओं के भक्ति अवस्था को प्राप्त कराने वाले त्याग योग के परम स्वरुप पूर्ण ध्यान की सर्वावस्था अधिकारी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
७४) हे परम ध्यान के अंतर ज्ञानी को जागृत करने वाले दीनबंधु दया के सागर हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का पूर्ण चरणानुरागी हो जाऊँ
७५) हे सर्व भाव के दिव्य दृष्टि के पूर्ण दृष्टा आतंरिक शक्ति के परम शक्ति के पूर्ण शक्तिमान पूर्ण भाव सर्व दर्शन तुम्हारे श्री चरण कमलों की हे श्री देवरहा हंस बाबा जी असीम अनुकम्पा से प्राप्त करता रहूं प्राप्त करता रहूं प्राप्त करता रहूं
७६) सर्व शक्ति के महा पुंज पूर्ण दृष्टि के सर्व दृष्टा पूर्ण ज्ञान के परम ज्ञानी दिव्या शक्ति के परम साक्षत्कार स्वरुप हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का नित्य निरंतर सप्रेम गुणगान करता रहूं
७७) हे प्रेमानंद के परम स्वरुप योग शक्ति के परम शक्तिमान महा पूर्ण दृष्टा सर्व योग परम दर्शन के दर्शनीय आनंद के महा आनंद के स्वरुप हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का पूर्ण पूर्ण समर्पित समर्पण प्राप्त हो
७८) हे सर्वत्र ज्ञान परम दिव्य शक्ति के मूल स्त्रोत दिव्य ज्ञान की परम शक्ति को प्रदान करने वाले योग की शक्ति पूर्ण संकल्पित संकल्प के संकल्पवान हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही सत्य संकल्प की संकल्पित शक्ति पूर्ण भूमण्डल में सर्व पूर्ण संकल्पित हो
७९) परम शक्ति पूर्ण शक्ति दाता दिव्य ज्ञान की सत्य योग दर्शन के महा दर्शन सत्य ज्ञान की परम भावनाओं के जागृतावस्था को प्राप्त कराने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय वंदन करता हूँ
८०) हे परम भाव की सर्व सर्व दृष्टि को प्रदान कराने वाले ज्ञान प्रदाता सर्व दर्शन सर्व दृष्टि सर्व ज्ञान के पूर्ण ज्ञानी आतंरिक शक्ति के पूर्ण ज्ञाता सर्व दर्शन की पूर्ण दृष्टि को प्रदान करो हे श्री देवरहा हंस तुम्हारे चरणों का चरणाश्रित हूँ
८१) सर्व योग के अपराम योग दृष्टा सर्व भाव की दिव्या भावना को जागृत करने वाले योग शक्ति के महा स्वरुप तुम्हारे चरणों की वंदना की वंदनीय स्तुति हे श्री देवरहा हंस बाबा जी सतत सतत करता रहूं
८२) हे परम दिव्या शक्ति के महा पुंज परम मंडल तुम्हारा दर्शन सतत आतंरिक भाव के आतंरिक प्रेम से चरणों के चरणाश्रित भाव में हे श्री देवरहा हंस बाबा जी प्राप्त करता रहूं
८३) हे पूर्ण भाव के दर्शनानन्द पूर्ण ज्ञान के ज्ञानानंद सर्व शक्ति के शक्तिमान पूर्ण सत्य योग का दर्शन सत्य साय योग से हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में पूर्ण पूर्ण समर्पित भाव से करता रहूं
८४) दर्व ज्ञान के परम विधाता सर्व शक्ति के परम दिव्य शक्तिमान पूर्ण योग के सत्य शक्ति दाता तुम्हारे श्री चरण कमलों का पूर्ण समर्पित भाव नित्य निरन्तर प्राप्त हो
८५) हे सर्वानंद के महा स्वरुप प्रेम भाव के पूर्ण भक्ति दाता सर्व योग के पूर्ण भक्ति दाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में पूर्ण समर्पियत हूँ। कल्याण करो कल्याण करो कल्याण करो।
८६) हे दया परम दयालु परम कृपा के परम कृपालु कृपा भाव पूर्ण भक्ति हर क्षण पल पल हे श्री देवरहा हंस बाबा जी प्रदान करो प्रदान करो प्रदान करो
८७) हे सर्व शक्ति के महा दाता पूर्ण भाव के भावानंद सर्व शक्ति के अंतर शक्ति को प्रदान करने वाले हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी कृपा की परम दिव्य दृष्टि प्राप्त होती रहे
८८ ) हे सर्व योग के परम योगी ध्यान ज्ञान के परम ध्यानी ज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणों का यशगान नित्य निरंतर चहुँदिश प्रशस्त रहे। तुम्हारे चरणों का यशगान ही जीवन का परम आधार हो
८९) हे परम पावन परम शक्ति के ध्याननंद सत्य नित्य पूर्ण प्राणानंद तुम्हारी महिमा का यशगान हे श्री देवरहा हंस बाबा जी भूमण्डल में सर्व प्रख्याति हो
९०) हे सर्व ज्ञान परम दृष्टा पूर्ण शक्ति के महाशक्तिवान ध्यान योग के ध्यानी सर्व भाव दिव्य दर्शन तुम्हारे चरण कमलों के चरणाश्रित योग का परम आनंद हो
९१) सत्य के आधार पूर्ण दृष्टा सैम प्रेम की दिव्य भावना को जागृत्त करने वाले परम दर्श सर्व नित्य भाव के परम प्रिय हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में पूर्ण भाव का भक्ति पिपासा हूँ
९२) हे प्रेमानंद के प्रेम स्वरुप ध्यान दृष्टि के परम ध्यानी सर्व आनंद दाता प्रेम भाव के पूर्ण विभूति हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
९३) सर्व योग दर्शन के परम योग शक्ति के संकल्पित शक्ति के प्रभाव को सर्व भूमण्डल में फैलाते रहें . यही सत्य सनातन धर्म की रक्षा के पूर्ण हेतु है . हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो
९४) हे सत्य धर्म के धर्मावतार प्रेम दर्शन के प्रेमावतार सर्व शक्ति के पूर्ण भाव के उदगम स्थल हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तेरी महिमा का गुणगान सार्वभौम में गूंजता रहे
९५) हे दयानिधि कृपानिधि करूणानिधि परम दिव्य शक्ति के परम योग का दर्शन सर्व शक्ति के पूर्णाधार से पूर्ण ख्याति यशगान सर्व मंडल में हे श्री देवरहा हंस बाबा जीजी गूंजता रहे.
९६) हे सर्वानंद के परम स्वरुप पूर्ण ज्ञान के परम दिव्य स्वरुप पूर्ण शक्ति के सर्व शक्तिमान सर्वानंद के धर्मावतारी धर्म स्थापना के पूर्ण स्थापना करने वाले तुम्हारी सदा सदा ह जय हो
९७) हे परम पावन के पूर्ण अवतारी ध्यान योग के परम दिव्य भावनाओं के अनन्य कर्ता सर्व ज्ञान के दिव्य प्रेम को पूर्ण प्राप्त करूँ
९८) सर्वशक्ति के संपन्न दाता पूर्ण प्रेम के प्रेम विधाता सर्व शक्ति के सर्व गुणकारी प्रेम भाव के सर्व गुणगान श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा ही जय हो
९९) सर्व ज्ञान के परम योग ज्ञान ध्यान के परम ज्ञाता पूर्ण भाव के सर्वज्ञान संपन्न तुम्हारे श्री चरण कमलों का हे श्री देवरहा हंस बाबा जी बारम्बार अभिवंदन करता रहूं
१ जून २०१६
१) हे सर्व दर्शन के आत्म दृष्टा सर्वत्र भाव के पूर्ण दाता सर्व ज्ञान की दिव्य दृष्टि को प्रदान करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों में नित्य नित्य अहर्निश भाव से नतमस्तक होता हूँ
२) हे सर्वत्र ज्ञान के पूर्ण विधाता सर्व शक्ति के संपन्न दाता तुम्हारी ही असीम अनुकम्पा से जीवन का परम आश्रय पूर्ण आश्रित हो हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही शरण में रहूं . रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
३) सर्व सर्व भाव पूर्ण भावित दृष्टा सर्व योग के महायोगी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का दर्शनाभिलाषी हूँ दया करो दया करो दया करो
४) हे अंतरंग अवस्था के आतंरिक शक्ति के पूर्ण शक्ति दाता , आतंरिक भाव क की दृष्टि के पूर्ण विधाता अंतरंग योग दर्शन की दृष्टि को प्रदान करने वाले परम दिव्य शक्ति के अंतरंग योग दृष्टा हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरणीय आनंद सतत प्राप्त होता रहे
५) हे परम ज्ञान के महाज्ञानी योग के महा योग दृष्टा परम भाव के सर्व दृष्टि को प्रदान करने वाले हे श्री तुम्हारे ही चरणों में चरणों के चरणाश्रित आश्रय का ोूर्ण अभिलाषी हूँ
६) हे परम शक्ति के परम पुंज ध्यान दर्शन पूर्ण आतंरिक दृष्टि श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का नित्य नित्य शत शत अभिनन्दन का पूर्ण आश्रित हूँ. दया करो कृपा करो दया करो कृपा करो दया करो कृपा करो
७) हे परम तपस्वी त्याग के परम त्यागी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणों की पूर्ण अनन्य भक्ति के परम आश्रय आश्रित हो। तुम्हारी जय जयकार हो तुम्हारी जय जयकार हो तुम्हारी जय जयकार हो। रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो.
८) हे परम दिव्य शक्ति के पूर्ण दाता ज्ञान योग के परम विधाता सत्य ज्ञान की पूर्ण दृष्टि को प्रदान करने वाले जगत के आतंरिक शक्ति दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणों का गुणगान जीवन का परम आधार रहे
९) हे ज्ञान ध्यान के आनंद दाता सर्वत्र दृष्टि परम विधाता सर्व शक्ति के परम पुंज ध्यान दृष्टि के परम दृष्टा हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे नाम की महिमा का यशगान भूमण्डल का मंगल सन्देश है। दया करो रक्षा करो हूँ शरणागत हूँ रक्षा करो
१०) हे परम दिव्य ज्योत के पूर्ण देदीप्यमान मंगल कारी परम शक्ति के पूर्णाधार तुम्हारी कृपा आकांक्षी हूँ रक्षा करो हे कृपा निधान हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणों में शत शत प्रणाम है
११) हे परम ज्ञान के महा ज्ञानी दया दृष्टि के परम दयालु आतंरिक शक्ति के पूर्ण शक्ति मान दया करो दया करो दया करो हे श्री देवरहा हंस बाबा जी दया करो परम दयालु दया करो
१२) हे अंतरंग शक्ति के पूर्ण शक्तिमान दया दृष्टि परम दयालु नित्य नित्य भाव के अहर्निश दाता तुम्हारे चरणों की चरणीय वंदना परम आश्रय है. जीवन का एक मात्र आश्रय है श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का दर्शनाभिलाषी हूँ
१३) हे परम योगी परम ध्यानी परम त्यागी अंतरंग शक्ति के पूर्ण दाता सर्व ज्ञान के परम विधाता तुम्हारे श्री चरण कमलों की वंदना नित्य निरंतर वंदनीय हो। हे श्री देवरहा हंस बाबा जी परम कृपालु पारा दया के हे निधान रक्षा करो दया करो रक्षा करो दया करो
१४) हे दिव्य ज्योति के परम ज्योतिमान सर्व आनंद के परम आनंद चरण कमलों का पूर्ण दर्शन अभिलाषी हूँ। हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही शरण का शरणागत हूँ
१५) हे परम आनंद के आनंद दाता पूर्ण भाव के भावित दाता सर्व शक्ति के परम शक्तिशाली हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के ही पूर्ण आश्रित हूँ। रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
१६) हे ज्ञान के सर्व ज्ञानी परम शक्ति के अंतरंग शक्ति दाता ध्यान योग के परम ध्यानी अंतरंग भाव के पूर्ण दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे ही चरणों के वंदन का पूर्ण दास रहूं। चरण कमलों का नित्य वंदन स्वीकार करो स्वीकार करो।
१७) हे परम पावन भाव के भक्ति भावनाओं को जागृत करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी असीम दया बार बार पाता रहूं यही हार्दिक अभिलाषा है स्वीकारो। चरण कमल की नित्य नित्य वंदन स्वीकार करो
१८ ) हे परम शक्ति आतंरिक शक्ति दाता सर्व भूमण्डल का संचालित दाता आतंरिक शक्ति के पूर्ण शक्ति का अनुभव प्राप्त करूँ। हे श्री देवरहा हंस बाबा जी यह चरण शरण में शरणागत की अभिलाषा है।
१९) हे परम दयावान परम कृपालु, शरणागत के परम रक्षक रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो। हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत की रक्षा करो.
२०) हे दीनबंधु कृपानिधान शरणागत रक्षक हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का पूर्ण आश्रय जीवन का परम आधार हो कृपा करो रक्षा करो हे कृपानिधान भक्तवत्सल दया करो रक्षा करो
२१) हे परम ज्ञान के आतंरिक ज्ञाता सर्व शक्ति के आतंरिक शक्ति दाता पूर्ण भाव के सर्व भावनाओं को जागृत करने वाले हे परम दयावान श्री देवरहा हंस बाबा जी आपके चरणों के चरणीय वंदना हर पल हर क्षण करता रहूं दया करो कृपानिधान दया करो हे दयालु
२२) हे अंतर ज्ञान के सर्व योग के परम दृष्टा आतंरिक दृष्टि के पूर्ण दृष्टिवान सत्य के आधार के पूर्ण सत्यवान परम दयालु श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों की पूर्ण शरणागति को प्राप्त करूँ प्राप्त करूँ
२३) हे अंतर्भाव दृष्टा परम ज्ञान के महा ज्ञानी सर्व शक्ति के आतंरिक शक्तिमान श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का गुणगान जिह्वा का नित्य नित्य गान हो
२४) हे महा शक्ति के महापुंज सत्य ज्ञान के परम महाज्ञानी ज्ञान ध्यान के परम धुरंधर महा ज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही शरण हूँ शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
२५) हे परम आनंद के पूर्ण आनंद दाता सर्व भाव के भाव प्रदाता नित्य सत्य है शरण तुम्हारी तुम रक्षक हो शरणगत की हे श्री देवरहा हंस बाबा जी रक्षा करो रक्षा करो शरणागत की रक्षा करो
२६) हे सर्वत्र ज्ञान के सर्वज्ञानी परम शक्ति के आतंरिक शक्ति दाता हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम ही जीवन के परम आधार हो तुम्ही जीवन के परम आधार हो दया करो दया करो दया करो
२७) हे परम ध्यान के महा ध्यानी नित्यानंद सत्यानंद है जिनका वह श्री देवरहा हंस बाबा जी हे जीवन के एकमात्र एक आधार सर्वस्व अर्पण है जीवन का पूर्ण समर्पण है। हे श्री देवरहा बाबा जी चरण कमलों में कोटि कोटि प्रणाम है
२८ ) हे पूर्ण भाव के आतंरिक भाव को जगाने वाले आतंरिक ज्योति के ज्योतिकार हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों का नमन शत शत करता हूँ
२९) हे परम दयावान परम कृपालु शरणागत वत्सल पूर्ण कृपा करो कृपा करो कृपा करो कृपानिधान कृपा करो कृपा करो कृपा करो
३०) हे परम करुणानिधान पूर्ण भाव के भक्तवत्सल परम ज्योति के ज्योतिमान सर्व दर्शन के दृष्टा तुम्हारी सदा सदा जय हो श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण कमलों का चरण अभिलाषी हूँ शरणागत की रक्षा करो रक्षा करो
३१) हे परम ज्ञान के पूर्ण ज्ञानी सर्व दर्शन के परम दृष्टा सत्य ज्ञान के पूर्ण ज्ञानी तुम्हारे श्री चरण कमलों में हे श्री देवरहा हंस बाबा जी पूर्ण शरणागत हूँ रक्षा करो करो
३२) हे ज्ञान योग के परम योगी सर्व दृष्टा सर्व दृष्टिवान थे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी ही शरण हूँ शरण हूँ शरण हूँ
३३) हे परम ज्ञान के अंतरज्ञानी परम दिव्य दृष्टि के दृष्टा सर्वत्र आनंद की दिव्यानुभूति को प्रदान करने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारी सदा सदा जय हो
३४) हे पूर्व ज्ञान के अंतर दृष्टा सर्व शक्ति के पूर्ण संपन्नदाता परम तेज के पूर्ण तेजस्वी तुम्ही जीवन के एकमात्र आधार हो श्री देवरहा हंस चरण कमलों में बलिहारी जाता हूँ रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
३५) हे सर्व ज्ञान के परम ज्ञान दाता सर्व बुद्धि के बुद्धीदाता पूर्ण प्रेम के प्रेम विधातै श्री देवरहा हंस शरण हूँ रक्षा करो रक्षा करो
३६) हे प्रेम भाव के पूर्ण विह्वलता को प्रदान करने वाले ध्यान योग के परम दृष्टा पूर्ण शक्ति के शक्तिमान तुम्हारी महिमा का गुणगान सर्व भूमण्डल में फैलता रहे जय हो जय हो तुम्हारी सदा सदा जय हो रक्षा करो रक्षा करो
३७) हे पूर्ण दाता सर्वत्र भाव के पूर्ण दाता प्रेम भाव के पूर्ण शक्तिमान प्रेम भाव के पूर्ण भावित दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों के गुणगान पूर्ण प्रेम का पूर्ण प्रेम का ध्यान हो दया करो दया करो
३८) हे ज्ञान ध्यान के परम वेत्ता सत्य आधार पूर्ण सत्यधारी चरण कमलों में बारम्बार कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ हे श्री देवरहा हंस बाबा जी स्वीकार करो स्वीकार करो
३९) हे महाशक्ति परम दृष्टि के दृष्टिवान सत्य ध्यान के आतंरिक शक्ति को जागृत करने वाले जागृतदाता आतंरिक अवस्था की आतंरिक भक्ति प्रेम भक्ति जगा दो हे प्रेमाभक्ति दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरण कमलों का नित्य नित्य वंदन स्वीकार है
४०) हे महा ध्यान के पूर्ण ध्यान अवस्था में अवस्थित महा ध्यान के ध्यानी ध्यान की पूर्ण अवस्था को प्राप्त करा दो श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारा ही एकमात्र चरणों का आश्रय है स्वीकार करो दीनबंधु रक्षा करो करुनानिधान तुम्हारी शरण में हूँ शरण में हूँ शरण में हूँ
४१) हे परम शक्ति अनन्य भक्ति अनन्य शरणागति के पूर्ण शरणागति को प्रदान करो श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्ही जीवन के एकमात्र रक्षक हो
४२) हे पूर्णानंद हे महानंद के स्वरुप पूर्ण भक्ति की अनन्यता को प्राप्त कराने वाले श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्ही तो एक भूमण्डल के सिरमार होंगे तुम्हारा सदा जयकारा चहुंदिश में फैलता रहे
४३) हे सर्वत्र ज्ञान की दिव्य दृष्टि के परम पावन ज्ञान की अंतरंग शक्ति के पूर्ण ज्ञानी सर्व ज्ञान की परम दृष्टि को प्राप्त कराने वाले परम ज्ञानी तुम्हारी शरण हूँ हे श्री देवरहा हंस बाबा जी शरणागत रक्षक रक्षा करो शरणागत रक्षक रक्षा करो
४४) सर्व योग के परम योगी ध्यान योग में एकाग्रचित अवस्था को देने वाले परम पूर्ण ज्ञानी हे श्री देवरहा हंस बाबा जी
तुम्हारे चरणों का अभिवंदन पूर्ण भाव से अभिवन्दनीय है दया करो रक्षा करो दया करो करो रक्षा करो
४५) हे परम ज्ञान के योगी तुम्हारी ज्ञानपूर्ण पारंगत अवस्था सर्व भूमण्डल में पूर्ण ज्ञानवान की यशकीर्ति फैलती रहे जय हो जय हो तुम्हारी सदा जय हो
४६) हे परम भाव के परम भावदाता परम भक्ति के परम भक्तिदाता सर्व ज्ञान के अंतरज्ञानी सर्व प्रेम के प्रेम दर्शन तुम्हारी चरण कमलों का दया का दर्शन जीवन के एकमात्र आश्रय है कृपा करो दया करो दया करो
४७) हे भावसागर से पार कराने वाले सर्वदाता हे भवस्वामी तुम्हारी कृपा का पूर्ण आकांक्षी हूँ श्री देवरहा हंस बाबा जी जीवन के करुणाधार तुम्हारे सदा सदा चरण कमलों का अभिनन्दन हो
४८ ) हे परम पावन ध्यान योग के परम योगी सर्व दर्शन के ध्यानकर्ता पूर्ण नाम के अमोघ शक्ति के शक्तिवान तुम्हारे चरण कमलों में हे श्री देवरहा हंस बाबा जी बारम्बार न्योछावर है रक्षा करो हे कृपानिधान हे शरणागतवत्सल दया करो दया करो दया करो
४९) हे सर्व शक्ति के परम शक्तिमान सर्व योग के नामी सर्व ध्यान के ध्यानी श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरण के आश्रयदाता चरणों के आश्रय हो आश्रय हो
५०) हे महा ध्यान के ध्यान धुरंधर पूर्ण भक्ति के भक्ति दाता सर्व शक्ति के पूर्ण विधाता शरण हूँ हे शरणागत रक्षक रक्षा करो शरणागत के रक्षक हे कृपानिधान रक्षा करो रक्षा करो रक्षा करो
५१) हे महाशक्ति के महापुंज परम ज्ञान की परम दृष्टि को प्रदान करने वाले परम तपस्वी परम तेजस्वान हे श्री देवरहा हंस बाबा जी धर्म की रक्षा करो धर्म की रक्षा करो सनातन धर्म की रक्षा करो जय हो जय हो जय हो तुम्हारी सदा सदा जय हो
५२) हे अंतरंग ज्योति के ज्योतिमान सर्व ज्ञान की दिव्य अनुभूति के अंतरंग अवस्था को प्राप्त कराने वाले अंतरंग अवस्था की दिव्य दृष्टि में प्रेम की प्रेमांदित अवस्था का पूर्ण आनंद की दिव्य अभिलाषा को प्राप्त करने की लिए हे श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे श्री चरणकमलों का चरणाश्रित वंदन सतत वंदनीय हो
५३) हे महाशक्ति के पूर्ण धर्मावतारी चरण शरण में पूर्ण आश्रय दाता श्री देवरहा हंस बाबा जी तुम्हारे चरणों की अनन्य भक्ति सदा सदा प्राप्त करता रहूं